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आदिवासी गरीब किसान का क्रेडिट कार्ड बनाने पटवारी माँग रहा रिश्वत में दस हजार...





रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में न ही भ्रष्टाचार रुक रहा है और न ही रिश्वत की माँग आज जिले में सरकारी योजनाओं में अधिकारी कर्मचारियों से काम कराना आसान नही है अगर आपको सरकारी योजनाओं का लाभ लेना है या फिर सरकारी काम काज करवाना है तो पहले उनकी सेवा शुल्क दे जिसे लोग रिश्वत  कहते है बिना खिलाये पिलाये कोई काम आज के समय आसान नही हुआ ये फैशन सा हो गया है कि बिना सेवा शुल्क के कोई काम नही होते है और इन्हें रोकने के लिए सरकार के द्वारा कुछ विभाग और जांच एजेंसियां भी बनाई गई है जिन्हें ये जबाबदारी दी है कि भ्रष्ट और भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों को रिश्वत लेते पकड़े और इन पर कठोर कार्यवाही करें इसके बाद भी न रिश्वत माँगने वालो की कमी हुई है ओर न ही भ्रष्टाचार रुक रहा है और न ही भ्रस्टो को कोई फर्क पड़ रहा है।

         जिले में रिश्वत माँगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को लोकायुक्त आर्थिक अपराध शाखा कार्यवाही कर रही है और बहुत से भ्रस्टो रिश्वतखोरो को सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा वावजूद इसके बाद भी न रिश्वत माँगने वाले अधिकारी कर्मचारी में कम आई और न ये भ्रस्टो में सुधार हो पा रहा है  

       वही एक रिश्वत मांगने का ताजा मामला सामने आया है जहाँ की विकास खण्ड घुघरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लाटो में पदस्थ पटवारी विजय यादव की अजब कहानी सामने आई है जहाँ ये आदिवासी किसान प्रेम सिंह धुर्वे निवासी ग्राम लाटो के किसान से पटवारी विजय यादव किसान क्रेडिट फार्म भरने के नाम पर 10,000/दस हजार रूपये की सेवा शुल्क रिश्वत, मांग की जा रही है जिसमे गरीब आदिवासी किसान ने पटवारी से बहुत मिन्नतें की हाथ जोड़ा पैर पकड़ा की सर मेरा काम कर दीजिये में गरीब किसान हूँ मेरे पास पैसे नही है, फार्म का जो पैसा और सरकारी शुल्क है में व्यवस्था बना लिया हूं पर सर आपको देने वाले पैसो की व्यवस्था नही हो पा रही है, परन्तु पटवारी विजय यादव साफ कह रहा है की तुम कुछ भी करो बिना पैसो लिये दिये काम नही हो पायेगा तुम कहीं भी चले जाओ और लगता है तो जहाँ लगे शिकायत कर लो हम तो काम जभी करगे जब दस हजार की व्यवस्था बना कर दोगे ओर हम काम अपने हिसाब से ही करेंगे अगर तुम कार्ड बनवाना चाहते हो तो उसके लिए पैसे लगेंगे बिना पैसे दिए काम नही हो पायेगा क्युकी जो तुम दोगे वह केवल तक नही रहेंगा हमें वो पैसे ऊपर भी पहुँचाना पड़ता है इसलिए पैसे तो तुम्हे देना ही पड़ेगा और इस बात को गुप्त रखना राजनीति नहीं करना अगर किसी को बतलाये ये किसी से फोन करवाये तो ये मानना की काम तो होगा नही और हुआ तो पैसे और दुगना लग जायेंगे!

       वही इतना ही नहीं पटवारी विजय यादव ने किसान के 15 एकड़ जमीन की कीमत 5 लाख हो पायेगा कह रहा है जबकि वित्तीय वर्ष 2023,/2024 सरकार की गाईड लाइन मंडला के अनुसार लाटो का प्रति हैक्टर जमीन सींचित 1 लाख उन्नीस हजार एवं असिंचित 70 हजार हेक्टेयर के लगभग क़ीमत भी बताई जा रही है पर पटवारी पैसे के साथ साथ अपनी मनमर्जी और अपने नियम कानून बता रहा है। वही गरीब आदिवासी किसान ने पटवारी की शिकायत 181 सी एम हेल्प लाइन में भी की है इसके बाद भी किसान का किसान क्रेडिट कार्ड नही बन पा रहा है किसान परेशान होकर अपने खेती का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की गुहार लगा रहा है। पर गरीब किसान की न जिम्मेदार जनप्रतिनिधि सुन रहे है और न ही प्रशासन आख़िर गरीब किसान करें भी तो क्या...

इनका कहना है..

मुझे अपनी खेती का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना है पर नही बन पा रहा है कार्ड बनवाने के लिए मुझ से पटवारी विजय यादव दस हजार रुपये बतौर रिश्वत माँग रहा है में गरीब किसान कहाँ से लाकर दू समझ नही आ रहा है।

                                       प्रेम सिंह धुर्वे  

                                किसान ग्राम लाटो घुघरी


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