दैनिक रेवांचल टाइम्स - डिंडोरी उदरी नर्मदा घाट आश्रम बालक राम मरकाम जी के यहां बाबा जी परिक्रमा के दौरान आठ माह पहले आए थे और आठ माह से उसी आश्रम में रह रहे थे। 1 सप्ताह पहले बाबा जी खुद जिला अस्पताल डिंडोरी में आकर भर्ती हुए थे उनका टीवी का इलाज चल रहा था देवदूत रक्तदान परिवार संपर्क बाबा जी से हॉस्पिटल पर ही हुआ जहां देवदूत परिवार हमेशा आते जाते रहते हैं अपनी सेवा कार्य को लेकर ऐसे लोगों से ही संपर्क रहता है वहां डॉक्टरों के माध्यम से जानकारी मिल जाती है कि ऐसे बेसहारे लोग हॉस्पिटल में है उनके खाने पीने की सुविधा कराया जाता है इसी दौरान बाबूजी संपर्क में आए और उनका हमने सेवा किया इसी इलाज के दौरान जिला अस्पताल में बाबा जी ने अंतिम सांस ली जानकारी मिला कि बाबाजी उदरी घाट धर्मशाला मरकाम जी के यहां रह रहे थे तो हमने वहां संपर्क किया उस धर्मशाला के संचालक बालक राम मरकाम एवं गांव की कोटवार को सूचना करो ने बुलाया बालक राम मरकाम जी के द्वारा बताया गया कि बाबाजी आठ माह पहले परिक्रमा के दौरान आए थे और एक चित्र माशा उन्होंने इसी धर्मशाला में काटा था उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें करिया बा बा करिया बाबा के नाम से बुलाया करते थे बाबा के जटे भी निकले हुए थे ओ बाबा के थैले या उसके कुटिया से ऐसा कोई भी सामान नहीं मिला जिससे उनकी पहचान कर सकें बालक राम मरकाम जी गांव के कोटवार देवदूत रक्तदान परिवार नगर के समाजसेवी लोगों के सहयोग से आज नर्मदा गंज मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया देवदान परिवार इससे पहले भी ऐसे वे सहाय लोग जिनका कोई नहीं है ऐसे लोगों का ऐसे पुण्य के कार हमेशा से करते आ रहा है आगे भी हम ऐसे लोगों का जो भी सहयोग कार्य मिलेगा हम बिल्कुल करेंगे हम तत्पर रहते हैं आगे भी रहेंगे। जनकल्याण हमेशा आगे रहते हैं ईश्वर से प्रार्थना किया गया और 2 मिनट का मौन धारण रखकर बाबा जी को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान दें। ऐसा प्रार्थना किया गया। पूरे विधि विधान से बाबा जी को अंतिम विदाई दी गई। एवं मानवता का मिसाल प्रेषित करते हुए देवदूत रक्तदान परिवार, उदरी गांव की धर्मशाला के संचालक बालक राम मरकाम देवदूत रक्तदान परिवार से अतुल जैन भागवत यादव लूखू कुशवाहा पवन बर्मन एवं अन्य उपस्थित रहे।
देवदूत रक्तदान परिवार ने फिर दिखाई मानवता की मिसाल...
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