BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
जीवन में आ रहे संकटों से छुटकारा दिलाएगी मंगलवार की व्रत कथा, पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Tuesday, February 28, 2023

जीवन में आ रहे संकटों से छुटकारा दिलाएगी मंगलवार की व्रत कथा, पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

 




हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है और इन्हें संकटमोचन भी कहा जाता है. मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे विधि-विधान व भक्तिभाव के साथ हनुमान जी का पूजन करते हैं उनके जीवन में आ रहे सभी संकट व दुख दूर होते हैं. हनुमान जी अपने भक्तों की संकट दूर कर उन्हें सफलता की राह दिखाते हैं. अगर आप भी बजरंगबली का आशीर्वाद व कृपा पाना चाहते हैं तो मंगलवार के दिन उनके समक्ष चमेली का तेल का दीपक जलाएं. साथ ही मंदिर में बैठकर हनुमान चालीसा व बजरंगबाण का पाठ करें. इससे वह प्रसन्न होते हैं. इसके अलावा मंगलवार के दिन संकटमोचन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी रखा जाता है और इस दौरान व्रत कथा अवश्य पढ़नी चाहिए. मंगलवार की व्रत कथा पढ़ने मात्र से ही व्यक्ति को दुखों से मुक्ति मिलती है.
मंगलवार व्रत कथा

प्राचीन समय की बात है किसी नगर में एक ब्राह्मण दंपत्ति रहते थे उनके कोई संतान न होन कारण वह बेहद दुखी थे. हर मंगलवार ब्राह्मण वन में हनुमान जी की पूजा के करने जाता था. वह पूजा करके बजरंगबली से एक पुत्र की कामना करता था. उसकी पत्नी भी पुत्र की प्राप्ति के लिए मंगलवार का व्रत करती थी. वह मंगलवार के दिन व्रत के अंत में हनुमान जी को भोग लगाकर ही भोजन करती थी.

एक बार व्रत के दिन ब्राह्मणी ने भोजन नहीं बना पाया और न ही हनुमान जी को भोग लगा सकी. तब उसने प्रण किया कि वह अगले मंगलवार को हनुमान जी को भोग लगाकर ही भोजन करेगी. वह भूखी प्यासी छह दिन तक पड़ी रही. मंगलवार के दिन वह बेहोश हो गई. हनुमान जी उसकी श्रद्धा और भक्ति देखकर प्रसन्न हुए. उन्होंने आशीर्वाद स्वरूप ब्राह्मणी को एक पुत्र दिया और कहा कि यह तुम्हारी बहुत सेवा करेगा.

बालक को पाकर ब्राह्मणी बहुत खुश हुई. उसने बालक का नाम मंगल रखा. कुछ समय उपरांत जब ब्राह्मण घर आया, तो बालक को देख पूछा कि वह कौन है? पत्नी बोली कि मंगलवार व्रत से प्रसन्न होकर हनुमान जी ने उसे यह बालक दिया है. यह सुनकर ब्राह्मण को अपनी पत्नी की बात पर विश्वास नहीं हुआ. एक दिन मौका पाकर ब्राह्मण ने बालक को कुएं में गिरा दिया.

घर पर लौटने पर ब्राह्मणी ने पूछा कि मंगल कहां है? तभी पीछे से मंगल मुस्कुरा कर आ गया. उसे वापस देखकर ब्राह्मण चौंक गया. उसी रात को बजरंगबली ने ब्राह्मण को सपने में दर्शन दिए और बताया कि यह पुत्र उन्होंने ही उसे दिया है. सच जानकर ब्राह्मण बहुत खुश हुआ. जिसके बाद से ब्राह्मण दंपत्ति नियमित रूप से मंगलवार व्रत रखने लगे. मंगलवार का व्रत रखने वाले मनुष्य पर हनुमान जी की अपार कृपा होती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं.

दैनिक रेवांचल टाइम्स इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

No comments:

Post a Comment