रेवांचल टाईम्स - मण्डला प्राथमिक एवं माध्यमिक सरकारी स्कूलों में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी होने के बाद भी नहीं की जा रही है। लेटलतीफी होने की वजह से सरकारी स्कूलों के बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। इनकी नियुक्ति में विलंब करना समझ से परे होता जा रहा है। मप्र के मण्डला जिले में प्राथमिक एवं माध्यमिक सरकारी शालाओं में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति जो जहां पदस्थ थे वहां पर नियुक्त करने में भारी देरी की जा रही है। ये अतिथि शिक्षक बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं और मप्र की सरकार इन्हें 62 वर्ष की आयु तक 12 माह का सेवा काल देने में विलंब कर रही है जबकि लगातार संपूर्ण मप्र सहित मण्डला जिले की अतिथि शिक्षक भी शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद भी ध्यान नहीं देना अत्यंत लापरवाही का प्रमाण है। जनापेक्षा है सरकार प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र ही करे।
क्यों नहीं की जा रही सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति बच्चों का भविष्य खतरे में...
bydigital bharat
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