Breaking

revanchal times new

देश के 11 राज्यों में सीरोटाइप-II डेंगू की चेतावनी, जानिये डेंगू से बचने के उपाय और घरेलू इलाज



Highlights देश के कई राज्यों में खतरनाक लेवल का डेंगू फैल रहा है विभिन्न राज्यों में डेंगू से सैकड़ों लोगों की मौत

देश के कई राज्यों में भारी बारिश के चलते डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों में डेंगू से विभिन्न राज्यों में मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, केरल, एमपी, यूपी, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। केंद्र सरकार ने अधिकारियों से जल्द पता लगाने और निवारक उपायों की दिशा में कदम उठाने को कहा है।

सीरोटाइप- II डेंगू क्या है
हाल ही में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में एक बैठक में डेंगू प्रभावित 11 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सरकार ने सीरोटाइप- II डेंगू की उभरती चुनौती पर प्रकाश डाला है, जो बीमारी के अन्य रूपों की तुलना में अधिक मामलों और अधिक जटिलताओं से जुड़ा है।

गौबा ने राज्यों को मामलों का जल्द पता लगाने, बुखार हेल्पलाइन के संचालन जैसे कदम उठाने का सुझाव दिया। इसके अलावा टेस्ट किटों, लार्विसाइड्स और दवाओं का पर्याप्त भंडारण, त्वरित जांच करना, ब्लड बैंको में प्लेटलेट्स के पर्याप्त भंडार को बनाए रखने और वेक्टर नियंत्रण के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती जैसे जरूरी कामों में तेजी लाने को कहा है।

सीरोटाइप - II डेंगू के मामलों की रिपोर्ट करने वाले राज्य आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, केरल, एमपी, यूपी, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना हैं। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन राज्यों को अगस्त और 10 सितंबर को एडवाइजरी जारी की थी।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य, फिरोजाबाद प्रकोप का केंद्र बना हुआ है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक फिरोजाबाद में वायरल फीवर और डेंगू से कई बच्चों समेत 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

डेंगू के लिए घरेलू इलाज

पपीते के पत्ते का रस
पपीते के पत्ते का रस डेंगू बुखार में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली रेमिडी है। पपीते के पत्ते के जूस का डेंगू बुखार का इलाज करने में काफी प्रभावी तरीके से काम करता है। यह प्लेटलेट्स को बढ़ाने के साथ इम्यूनिटी को भी ठीक करता है।

हर्बल टी
हर्बल डी पोषक तत्वों से भरपूर होती है। यह स्वास्थ्य के लिए लिहाज से भी अच्छी होती है। आप इलायची, अदरक और दालचीनी मिक्स कर सकते हैं। हर्बल टी का स्वाद दिल-दिमाग को तरोताजा कर देता है।

नीम के पत्ते
नीम के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं और डेंगू के रोगियों के लिए फायदेमंद होते हैं। नीम का रस वायरस के विकास और प्रसार को नियंत्रित करने में मदद करता है।

चिकन सूप
चिकन सूप कोल्ड और फ्लू के लक्षणों को रोकने में अद्भुत तरीके से काम करता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और वायु मार्ग को बेहतर करता है, जिस वजह से बलगम ढीला हो जाता है।

संतरा
संतरा आवश्यक पोषक तत्वों और विटामिन से भरा होता है। यह विटामिन सी का भंडार है जो एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है। संतरे में फाइबर की मात्रा भी अधिक होती है जिससे अपच का खतरा कम होता है। अगर आप डेंगू से जल्दी आराम पाना चाहते हैं, तो संतरा जरूर खायें।

खिचड़ी
स्वादिष्ट अनाज या दलिया दुनिया भर में एक लोकप्रिय नाश्ता है। फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर खिचड़ी खाने से आपको बीमारी से लड़ने की शक्ति मिलती है। इसे निगलना और पचाना आसान है। जब आप डेंगू से पीड़ित होते हैं, तो खिचड़ी जरूर याद रखें।

नारियल पानी
डेंगू अक्सर निर्जलीकरण का कारण बनता है। नारियल का पानी डेंगू रोगियों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि यह पानी, आवश्यक खनिजों और इलेक्ट्रोलाइट्स का प्राकृतिक स्रोत है। इसका सेवन शरीर में तरल स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस प्रकार, नारियल का पानी एक चीज है जिसे आपको निश्चित रूप से डेंगू के मरीज के आहार में शामिल करना चाहिए।

वेजिटेबल जूस
आप ताजा सब्जी के रस का उपभोग करके डेंगू के लक्षणों का इलाज कर सकते हैं। गाजर, ककड़ी, और अन्य पत्तेदार हिरन डेंगू के लक्षणों के इलाज के लिए विशेष रूप से अच्छे होते हैं। ये सब्जियां आवश्यक विटामिन और खनिजों से भरी हुई हैं जो प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने और रोगी के पीड़ितों को कम करने में मदद करती हैं।

डेंगू से बचने के उपाय

अपने आसपास की जगहों को साफ करके रखने से आप मच्छरों को सरलता से दूर रख सकते हैं। किसी जगह पर रुके हुए पानी में मच्छर पनप सकते हैं और इसी से डेंगू भी फैल सकता है। जिन बर्तनों का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होना हो उनमें रखे हुए पानी को नियमित रूप से बदलते रहें । गमलों के पानी को हर हफ्ते बदलते रहें।

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new