Breaking

revanchal times new

MP में फाइनल परीक्षाएं 12 अप्रैल से, 9वीं-11वीं की परीक्षा घर से देंगे छात्र



 भोपाल. कक्षा 9वीं-11वीं की परीक्षा घर से ली जाएगी. ऑफलाइन परीक्षा आयोजित नहीं की जा रही है. ये बयान स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने दिया है. उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच परीक्षाएं ऑफलाइन नहीं ली जा सकती. घरों से परीक्षा देने के दौरान छात्र-छात्राओं को प्रश्न पत्र घर पर भेजे जाएंगे. स्टूडेंट्स कॉपियां स्कूल में जमा करायेंगे. ये फैसला बच्चों की सुरक्षा के चलते लिया गया है.मध्यप्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच कक्षा 9वीं और कक्षा 11वीं की फाइनल परीक्षाएं ऑफलाइन की जगह ओपन बुक सिस्टम से कराने का स्कूल शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है. स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि कोरोना का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसके चलते छात्र-छात्राओं की ऑफलाइन परीक्षाएं कराना संभव नहीं है. ऐसे में छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं घर से ही कराने का फैसला लिया गया है.

 

छात्र-छात्राओं को घर पर भेजी जाएगी कॉपियां
ल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षाएं कराने के लिए भी छात्र छात्राओं को स्कूल में बुलाना होगा. ऐसे में अब छात्र- छात्राओं को प्रश्न पत्र उनके घरों पर भिजवाए जाएंगे. घर से ही नौवीं और ग्यारहवीं के सभी छात्र अपने पेपर हल करेंगे और इसके बाद अपनी कॉपियां स्कूल में जमा कराएंगे.


12 अप्रैल से फाइनल परीक्षाएं आयोजित हो रही 9वीं-11वीं
प्रदेश भर के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं कक्षा 11वीं की फाइनल परीक्षाएं 12 अप्रैल से आयोजित की जा रही हैं. ऑफलाइन परीक्षा कराने को लेकर अतिरिक्त कक्षाओं के साथ स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियां भी पूरी कर दी थी स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि प्रदेश भर के ज्यादातर जिलों में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है,ऐसे में बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है. घर से ही परीक्षाएं कराने को लेकर जल्द ही लिखित आदेश जारी होगा.


12 अप्रैल तक प्रदेश भर में बंद है सभी स्कूल और कॉलेज
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रदेश भर में सभी सरकारी और निजी स्कूल 12 अप्रैल तक बंद है. पहली से लेकर 12वीं तक के स्कूल 12 अप्रैल तक बंद हैं. ऑनलाइन क्लासेस के साथ ही साल भर में 9वी से 12वी तक के स्टूडेंट्स को डाउट क्लियर करने के लिए स्कूल बुलाया गया था.

Post a Comment

Previous Post Next Post