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बजाग में वन विभाग के 25 लाख से अधिक के लाइन क्वार्टर निर्माण पर सवाल, पहले बीम में दरारें, अब प्लिंथ के नीचे दिखा गैप

दैनिक रेवाँचल टाईम्स | बजाग, डिंडौरी

वन विभाग के लाइन क्वार्टर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, पहले बीम में दरारें, अब प्लिंथ के नीचे दिखा गैप

25 लाख रुपये से अधिक की लागत से चार परिवारों के लिए बन रहा आवासीय परिसर, तकनीकी जांच की आवश्यकता

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – बजाग (डिंडौरी)। ग्राम भुरसी के समीप वन विभाग के निर्माणाधीन लाइन क्वार्टर की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वन परिक्षेत्र उत्पादन पश्चिम करंजिया के कर्मचारियों के चार परिवारों के लिए 25 लाख रुपये से अधिक की लागत से आवासीय परिसर तैयार किया जा रहा है। निर्माण के शुरुआती चरण में ही सामने आई कुछ स्थितियों ने कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी की जांच की आवश्यकता बढ़ा दी है।

कुछ दिन पहले निर्माणाधीन भवन की प्लिंथ बीम में दरारें दिखाई देने का मामला सामने आया था। अब दो दिनों की बारिश के बाद प्लिंथ के निचले हिस्से में खाली जगह दिखाई देने की जानकारी सामने आई है।



पहले प्लिंथ बीम में दरारें, अब बारिश के बाद दिखाई दिया खाली स्थान

प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माणाधीन लाइन क्वार्टर की प्लिंथ बीम में कुछ समय पहले दरारें दिखाई दी थीं। इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा दरार वाले स्थानों पर सीमेंट का मसाला लगाया गया था।

इसके बाद हुई दो दिनों की बारिश से निर्माण स्थल की मिट्टी दबने पर प्लिंथ के निचले हिस्से में जमीन और निर्माण के बीच खाली स्थान दिखाई देने लगा। बताया जा रहा है कि पहले यह स्थान मिट्टी से ढका हुआ था।

सामने आई तस्वीर में कुछ स्थानों पर मसाले की भराई भी एकसमान दिखाई नहीं देने की बात कही गई है। हालांकि इन स्थितियों का वास्तविक कारण तकनीकी निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

प्लिंथ के नीचे गैप क्यों बना, तकनीकी जांच से होगा स्पष्ट

निर्माणाधीन भवन के निचले हिस्से में दिखाई देने वाले खाली स्थान से यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल बाहरी मिट्टी के भराव के दबने से बना है अथवा इसका संबंध प्लिंथ और नींव की संरचना से है।

केवल तस्वीर के आधार पर नींव कमजोर होने या भवन की संरचनात्मक क्षमता प्रभावित होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए स्वीकृत स्ट्रक्चरल डिजाइन, निर्माण सामग्री, मिट्टी के भराव और प्लिंथ की वास्तविक स्थिति का परीक्षण आवश्यक है।

निर्माण की जांच में महत्वपूर्ण सवाल

क्या प्लिंथ के नीचे दिखाई देने वाला गैप मिट्टी के दबने से बना है?

क्या नींव और प्लिंथ का निर्माण स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप हुआ है?

क्या बीम में दिखाई दी दरारों के कारणों की तकनीकी जांच हुई?

क्या निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कराया गया?

कॉलम में सरियों की संख्या को लेकर भी सवाल

निर्माण कार्य में सरियों के उपयोग को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार भवन के अलग-अलग कॉलम में कहीं चार तो कहीं छह सरिये दिखाई देने की बात सामने आई है।

हालांकि कॉलम में सरियों की संख्या केवल देखकर निर्माण को नियमविरुद्ध नहीं कहा जा सकता। सरियों का व्यास, कॉलम का आकार, भार वहन क्षमता और स्वीकृत स्ट्रक्चरल डिजाइन के अनुसार ही निर्धारित किया जा सकता है कि संबंधित निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप है या नहीं।

निर्माण स्थल पर सूचना पटल नहीं, लागत और एजेंसी की जानकारी पर सवाल

निर्माण स्थल पर सूचना पटल नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में निर्माण की स्वीकृत लागत, संबंधित निर्माण एजेंसी, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की अवधि तथा तकनीकी स्वीकृति जैसी जानकारी आम लोगों के सामने उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

निर्माण कार्य की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परियोजना संबंधी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक करना महत्वपूर्ण है। इससे संबंधित कार्य की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकती है।

उपयंत्री की निगरानी और निरीक्षण व्यवस्था पर भी उठे सवाल

स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि संबंधित उपयंत्री द्वारा निर्माण कार्य का अपेक्षित नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है।

हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए निर्माण स्थल की निरीक्षण पंजिका, माप पुस्तिका, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।

यदि निर्माण कार्य के दौरान कमियां सामने आई हैं तो उनका केवल ऊपरी सुधार करने के बजाय वास्तविक कारणों की जांच कर आवश्यक तकनीकी सुधार सुनिश्चित करना जरूरी होगा।

वन विभाग से प्लिंथ, बीम, कॉलम और नींव की जांच की अपेक्षा

पहले प्लिंथ बीम में दरारें दिखाई देना और अब बारिश के बाद प्लिंथ के नीचे खाली स्थान नजर आना, दोनों स्थितियां निर्माण कार्य की गुणवत्ता के विस्तृत परीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।

ऐसे में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को निर्माण स्थल का निरीक्षण कराकर प्लिंथ, बीम, कॉलम, नींव तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करना चाहिए।

साथ ही स्वीकृत प्राक्कलन, नक्शे और स्ट्रक्चरल डिजाइन से वास्तविक निर्माण कार्य का मिलान कराया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं।

25 लाख से अधिक के निर्माण की गुणवत्ता पर जवाब जरूरी

चार वनकर्मी परिवारों के लिए तैयार किए जा रहे आवासीय परिसर में निर्माण के शुरुआती चरण से उठे सवालों की निष्पक्ष तकनीकी जांच महत्वपूर्ण है। जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दिखाई देने वाले गैप और दरारों का कारण क्या है तथा भवन की मजबूती पर उनका कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं।

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