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पिंडरई में 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा आचार्य विद्यासागर और आचार्य समयसागर महाराज का जन्मोत्सव, मूकमाटी नाटिका का होगा मंचन

दैनिक रेवाँचल टाईम्स | पिंडरई-मंडला

पिंडरई में 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा आचार्य विद्यासागर और समयसागर महाराज का जन्मोत्सव

आर्यिका विमलमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठान, शांतिनाथ विधान का समापन और मूकमाटी नाटिका का मंचन

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – पिंडरई। मंडला जिले की बृतीनगरी पिंडरई में परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री विद्यासागर जी महाराज एवं वर्तमान आचार्य श्री समयसागर जी महाराज का जन्मोत्सव 26 अक्टूबर 2026 को शरद पूर्णिमा के उपलक्ष्य में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।



यह धार्मिक आयोजन दोनों आचार्य भगवंतों की परम प्रभावक शिष्या पूज्य आर्यिका श्री विमलमति माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा। आयोजन के दौरान आचार्यों के जीवन, त्याग, तपस्या, संयम और धर्म प्रभावना का स्मरण करते हुए विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आचार्य भगवंत जन्मोत्सव
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
आचार्य श्री समयसागर जी महाराज
26 अक्टूबर 2026
स्थान : श्री बीच के मंदिर जी, पिंडरई
पावन सान्निध्य : आर्यिका श्री विमलमति माताजी ससंघ

16 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान का होगा समापन

पिंडरई के श्री बीच के मंदिर जी में पूज्य आर्यिका श्री विमलमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में चल रहे 16 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान का समापन जन्मोत्सव के अवसर पर किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रातःकाल हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। शांतिनाथ विधान के समापन के साथ आचार्य भगवंतों के जन्मोत्सव को विशेष धार्मिक स्वरूप दिया जाएगा।

आयोजन समिति ने समाजजनों और धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से इन धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।

आचार्यों के त्याग, तपस्या और संयम पर होंगे विशेष वक्तव्य

जन्मोत्सव समारोह के अंतर्गत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के जीवन और आध्यात्मिक योगदान पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में आचार्य भगवंतों के जीवन, त्याग, तपस्या, संयम और धर्म प्रभावना पर आधारित चार मिनट के वक्तव्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से जैन धर्म के आध्यात्मिक मूल्यों, संयमित जीवन और आचार्यों की शिक्षाओं का स्मरण किया जाएगा।

मूकमाटी नाटिका का होगा विशेष मंचन

जन्मोत्सव समारोह में आचार्य श्री के आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित 'मूकमाटी' नाटिका का मंचन भी किया जाएगा।

नाटिका के माध्यम से आचार्य भगवंतों की शिक्षाओं और आध्यात्मिक विचारों को कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

आध्यात्मिक संदेशों की प्रस्तुति

मूकमाटी नाटिका के माध्यम से श्रद्धालुओं को आचार्य श्री के आध्यात्मिक चिंतन और जीवन मूल्यों से परिचित कराया जाएगा। यह प्रस्तुति जन्मोत्सव समारोह के विशेष आकर्षणों में शामिल रहेगी।

बाजार चौक में सुबह 11 बजे से प्रसाद वितरण

धार्मिक कार्यक्रमों के उपरांत कमेटी द्वारा पिंडरई के बाजार चौक में सुबह 11 बजे से प्रसाद वितरण किया जाएगा।

आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में पहुंचकर जन्मोत्सव को भक्तिभाव के साथ मनाने तथा प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।

जन्मोत्सव कार्यक्रम : प्रमुख आयोजन

श्री शांतिनाथ विधान : 16 दिवसीय धार्मिक विधान का समापन।

प्रातःकालीन अनुष्ठान : हवन एवं संयमकालीन कार्यक्रम।

विशेष वक्तव्य : आचार्यों के जीवन, त्याग और तपस्या पर चार मिनट की प्रस्तुतियां।

सांस्कृतिक प्रस्तुति : मूकमाटी नाटिका का मंचन।

प्रसाद वितरण : सुबह 11 बजे से बाजार चौक, पिंडरई।

सकल दिगंबर जैन समाज ने दी आयोजन की जानकारी

सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष चौधरी कैलाश जी जैन ने कार्यक्रम के संबंध में मीडिया प्रभारी ऋषभ जैन को जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जन्मोत्सव के अवसर पर श्री बीच के मंदिर जी में धार्मिक अनुष्ठान, आचार्यों के जीवन पर वक्तव्य और मूकमाटी नाटिका सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे।

आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों और जैन समाज के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने तथा आयोजन की शोभा बढ़ाने का अनुरोध किया है।

पिंडरई में आस्था और संयम का संदेश देगा जन्मोत्सव

बृतीनगरी पिंडरई में 26 अक्टूबर को आयोजित आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री समयसागर जी महाराज का जन्मोत्सव धार्मिक आस्था, संयम और आध्यात्मिक चिंतन का विशेष अवसर होगा।

आर्यिका श्री विमलमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में 16 दिवसीय शांतिनाथ विधान के समापन, विशेष वक्तव्यों, मूकमाटी नाटिका और प्रसाद वितरण के माध्यम से श्रद्धालु जन्मोत्सव में सहभागिता करेंगे।

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