मोहगांव में सट्टा-पट्टी और अवैध शराब कारोबार के आरोप, ग्रामीणों ने मांगी निष्पक्ष जांच
मुनू चौराहे से सिंगारपुर तक कथित अवैध गतिविधियों पर सवाल
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मोहगांव, मंडला। मंडला जिले के मोहगांव थाना क्षेत्र में कथित सट्टा-पट्टी और अवैध शराब के कारोबार को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुनू चौराहे स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में लंबे समय से सट्टा-पट्टी का कारोबार संचालित हो रहा है। क्षेत्र की कुछ किराना दुकानों से कथित तौर पर अवैध शराब की सप्लाई और चौक-चौराहों पर सट्टा लिखे जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

ग्रामीणों ने मुनू चौराहे से सिंगारपुर तक सामने आई शिकायतों की निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता; इन शिकायतों की वास्तविक स्थिति जांच से ही स्पष्ट होगी।
युवाओं और परिवारों पर असर की चिंता
क्षेत्र में सट्टा-पट्टी के कथित संचालन को लेकर युवाओं के इस गतिविधि की गिरफ्त में आने की आशंका जताई गई है। जल्दी पैसा कमाने की लालसा में मेहनत की कमाई गंवाने, कर्ज, घरेलू विवाद और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं की चिंता भी सामने रखी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि शिकायतों को गंभीरता से लेकर संबंधित स्थानों की पहचान और जांच की जाए।
किराना दुकानों से शराब की कथित सप्लाई की जांच की मांग
ग्रामीणों की ओर से कुछ किराना दुकानों के माध्यम से अवैध शराब की कथित सप्लाई किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। मांग है कि पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। बिना वैध अनुमति शराब का विक्रय या वितरण पाए जाने पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए।
इन आरोपों के बीच संबंधित दुकानों के निरीक्षण, शिकायत दर्ज होने और पुलिस तथा आबकारी विभाग की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग भी उठी है।
पुलिस की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ गतिविधियों को लेकर लंबे समय से चर्चाएं और शिकायतें हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि इन शिकायतों पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। यदि शिकायतें पहले प्राप्त हुई थीं, तो उनकी जांच का परिणाम सामने रखा जाए।
मांग की गई है कि जांच में अवैध सट्टा या शराब कारोबार प्रमाणित होने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो। साथ ही, यदि शिकायतों की अनदेखी या कर्तव्य में लापरवाही सामने आती है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जाए।
जांच की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग
मोहगांव पुलिस और आबकारी विभाग से शिकायतकर्ताओं के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और संबंधित स्थानों की वास्तविक स्थिति के आधार पर जांच की मांग की गई है। ग्रामीण चाहते हैं कि जांच की प्रगति और परिणाम की जानकारी सार्वजनिक हो, ताकि शिकायतों पर सुनवाई और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का भरोसा कायम रहे।