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मंडला की सौम्या खरे ने मालवा नृत्य महोत्सव में रचा इतिहास, 500 प्रतिभागियों को पछाड़कर बनीं विजेता

मंडला की सौम्या खरे ने मालवा नृत्य महोत्सव में रचा इतिहास, 500 प्रतिभागियों को पछाड़कर बनीं विजेता

सेमी-क्लासिकल नृत्य में प्रथम स्थान, ‘मालवा नृत्य महोत्सव’ के साथ ‘सबसे कम उम्र की गुरु’ अवार्ड से भी सम्मानित

दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला। इंदौर में 1 से 4 अक्टूबर तक आयोजित चार दिवसीय ऑल इंडिया 23वें कल्चरल नेशनल डांस कॉन्टेस्ट एवं फेस्टिवल ‘मालवा नृत्य महोत्सव 2026’ में मंडला की बेटी सौम्या खरे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है।


अखिल नटराजम् अंतर सांस्कृतिक संघ के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय महोत्सव में 15 अलग-अलग नृत्य विधाओं में करीब 2000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

500 प्रतिभागियों के बीच हासिल किया प्रथम स्थान

महज 20 वर्षीय सौम्या खरे ने सेमी-क्लासिकल नृत्य की प्रतिस्पर्धा में करीब 500 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति, भाव-भंगिमा और नृत्य कौशल को निर्णायकों ने सराहा।

दो प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजी गईं सौम्या

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सौम्या को ‘मालवा नृत्य महोत्सव अवार्ड’ प्रदान किया गया। इसके साथ ही उन्हें ‘सबसे कम उम्र की गुरु’ अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। कम उम्र में गुरु के रूप में मिला यह सम्मान उनकी निरंतर नृत्य साधना और प्रतिभा की विशेष उपलब्धि माना जा रहा है।

मंडला के लिए गौरव का पल

सौम्या खरे मंडला निवासी पुनीत मोहन खरे एवं श्रीमती सपना खरे की पुत्री हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान और दो सम्मान हासिल करना सौम्या के परिवार के साथ पूरे मंडला जिले के लिए गौरव का विषय बन गया है।

देशभर के कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा

मालवा नृत्य महोत्सव में भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, रवीन्द्र नाट्यम, आंध्रनाट्यम, पेरिनी नाट्यम, सत्त्रिया, मणिपुरी, सेमी-क्लासिकल, भारतीय लोक नृत्य, बॉलीवुड, हिप-हॉप और कंटेम्परेरी सहित 15 नृत्य विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

चार दिनों तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 2000 प्रतिभागियों ने अपनी कला, नृत्य कौशल और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

युवा कलाकारों के लिए बनीं प्रेरणा

राष्ट्रीय स्तर पर सेमी-क्लासिकल नृत्य में प्रथम स्थान हासिल कर सौम्या ने मंडला की युवा नृत्य प्रतिभाओं के सामने प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी उपलब्धि ने मंडला की सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है।

20 साल की सौम्या का राष्ट्रीय मंच पर कमाल—प्रथम स्थान के साथ ‘सबसे कम उम्र की गुरु’ का सम्मान
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला

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