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बजाग NRC में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन, “सुपोषित बच्चे-स्वस्थ समाज” का दिया संदेश

बजाग NRC में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन, “सुपोषित बच्चे-स्वस्थ समाज” का दिया संदेश

संतुलित आहार, पहले 1000 दिवस, एनीमिया प्रबंधन और स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व पर किया जागरूक

दैनिक रेवांचल टाइम्स, बजाग/डिंडोरी। आकांक्षी विकासखंड बजाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में 6 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व से अवगत कराते हुए कुपोषण मुक्त बजाग की दिशा में जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।



संतुलित थाली का महत्व समझाया

कार्यक्रम में उपस्थित माताओं, अभिभावकों और बच्चों को संतुलित भोजन के महत्व की जानकारी दी गई। दैनिक आहार में अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दूध और अंडे जैसे विभिन्न खाद्य समूहों को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया।

स्थानीय खाद्य पदार्थों से भी मिल सकता है भरपूर पोषण

स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि पौष्टिक आहार के लिए केवल महंगे खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहना आवश्यक नहीं है। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध सहजन, रागी, कोदो-कुटकी, मूंग, चना और मौसमी सब्जियां भी बच्चों और परिवार के लिए पौष्टिक आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।

बच्चों के पहले 1000 दिवस बेहद महत्वपूर्ण

अभिभावकों को बताया गया कि बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिवस उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में नियमित वजन निगरानी, स्तनपान, समय पर पूरक आहार तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई।

रचनात्मक गतिविधियों से दिया पोषण का संदेश

कार्यक्रम के दौरान कला एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से पोषण संबंधी संदेशों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया। बच्चों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ भोजन तथा पोषण के महत्व को समझा।

कुपोषण और एनीमिया रोकथाम पर भी जोर

स्वास्थ्यकर्मियों ने कुपोषण की रोकथाम, एनीमिया प्रबंधन और स्वस्थ खान-पान की आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए उपस्थित लोगों को प्रेरित किया।

आयोजन के दौरान “सुपोषित बच्चे, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज” के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम को आकांक्षी विकासखंड बजाग में पोषण संकेतकों को बेहतर बनाने और सही पोषण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

स्थानीय पौष्टिक आहार, नियमित निगरानी और जागरूकता से ही कुपोषण मुक्त समाज की राह होगी आसान
दैनिक रेवांचल टाइम्स | बजाग, डिंडोरी

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