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मंडला के मोहगांव में ‘शक्ति से सृजन’ कार्यक्रम के तहत जल स्रोत पूजन, नवांकुर सखियों ने दिया जल संरक्षण का संदेश

दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला

मोहगांव में ‘शक्ति से सृजन’ के तहत जल स्रोत पूजन, नवांकुर सखियों ने दिया जल संरक्षण का संदेश

महिलाओं की सहभागिता से पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा

मंडला। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला मंडला के मार्गदर्शन में आदिवासी जनकल्याण विकास संस्थान द्वारा ‘शक्ति से सृजन’ कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड निवास के ग्राम मोहगांव में जल स्रोत पूजन गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नवांकुर सखियों ने स्थानीय जल स्रोत ‘लाताब’ का पूजन कर ग्रामीणों को जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन का संदेश दिया।



जल है तो कल है

कार्यक्रम के माध्यम से जल के सदुपयोग, पानी की बर्बादी रोकने और पारंपरिक जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने का संदेश दिया गया।

जल स्रोतों के महत्व के प्रति बढ़ाई जागरूकता

कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को जल स्रोतों के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा उनके संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना रहा। जल जीवन का प्रमुख आधार है और ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों का सामाजिक, सांस्कृतिक तथा पर्यावरणीय दृष्टि से विशेष महत्व है।

ऐसे जल स्रोतों का संरक्षण केवल वर्तमान जरूरतों की पूर्ति के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी आवश्यक है। इसी भावना के साथ नवांकुर सखियों ने जल स्रोत पूजन के माध्यम से प्रकृति और जल के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

नवांकुर सखियों ने दिया पानी बचाने का संदेश

गतिविधि के दौरान जल की उपयोगिता, प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। नवांकुर सखियों ने इस पहल के माध्यम से जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, अनावश्यक अपव्यय रोकने तथा पारंपरिक जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया।

जल स्रोत पूजन की यह गतिविधि धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना को जोड़ने का प्रयास रही। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को प्राकृतिक संसाधनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करना भी था।

पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण

‘शक्ति से सृजन’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस गतिविधि में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। नवांकुर सखियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय समुदाय को पर्यावरण हितैषी गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। महिलाओं की भागीदारी ऐसे प्रयासों को सामाजिक स्तर पर मजबूती प्रदान करने में सहायक हो सकती है।

जनभागीदारी से जल संरक्षण को मिलेगी मजबूती

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में नवांकुर संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण को सामुदायिक अभियान बनाने का संदेश दिया गया।

आयोजन का उद्देश्य स्थानीय समुदाय में पर्यावरणीय चेतना विकसित करना, प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना और जल संरक्षण के लिए सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना रहा। ऐसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माने जा सकते हैं।

कार्यक्रम का प्रमुख संदेश

पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण, पानी का सदुपयोग और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाकर जल संरक्षण के प्रयासों को मजबूत किया जा सकता है।

दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला, मध्यप्रदेश

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