मंडला में 4जी-5जी के दावों की खुली पोल! घरों के अंदर नेटवर्क गायब, जियो-एयरटेल उपभोक्ता बेहाल
कॉल करने के लिए सड़क पर निकलने की मजबूरी, मैसेज और इंटरनेट भी प्रभावित; उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल—पूरे पैसे लेकर अधूरी सेवा क्यों?
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। डिजिटल इंडिया और तेज रफ्तार इंटरनेट के बड़े-बड़े दावों के बीच मंडला जिला मुख्यालय में मोबाइल नेटवर्क की बदहाल स्थिति ने दूरसंचार कंपनियों की सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ता 4जी और 5जी के नाम पर महंगे रिचार्ज करा रहे हैं, लेकिन घरों के अंदर न ठीक से कॉल हो पा रही है और न ही मैसेज समय पर पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी जियो और एयरटेल के उपभोक्ताओं द्वारा बताई जा रही है।
घर के अंदर नेटवर्क गायब, कॉल करने सड़क पर निकल रहे लोग
नगर के नर्मदा जी वार्ड, महात्मा गांधी वार्ड, संजय नगर, बिझिंया, चूड़ी मोहल्ला और आसपास के कई इलाकों में कमजोर मोबाइल सिग्नल की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, घर के अंदर नेटवर्क बेहद कमजोर रहता है या पूरी तरह गायब हो जाता है। जरूरी बातचीत के लिए लोगों को घर से बाहर सड़क अथवा खुली जगह पर जाना पड़ता है।
कॉल बार-बार कटना, आवाज स्पष्ट नहीं सुनाई देना, मैसेज देर से पहुंचना और इंटरनेट की धीमी रफ्तार आम परेशानी बन गई है। सवाल उठ रहा है कि जब जिला मुख्यालय में ही निर्बाध मोबाइल सेवा उपलब्ध नहीं हो पा रही, तो 4जी-5जी की तेज रफ्तार के दावों का उपभोक्ताओं को कितना लाभ मिल रहा है?
रिचार्ज का पूरा पैसा, लेकिन सेवा अधूरी!
उपभोक्ताओं में इस बात को लेकर नाराजगी है कि दूरसंचार कंपनियां नए ग्राहकों को जोड़ने और बेहतर नेटवर्क के प्रचार में तो आगे हैं, लेकिन मौजूदा ग्राहकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। लोगों का कहना है कि नियमित रिचार्ज कराने के बावजूद घर के अंदर सामान्य कॉलिंग जैसी बुनियादी सुविधा भी भरोसेमंद नहीं रह गई है।
नेटवर्क की समस्या से ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सरकारी सेवाओं, विद्यार्थियों की पढ़ाई और रोजमर्रा के आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता सवाल कर रहे हैं कि जब भुगतान पूरा लिया जा रहा है, तो सेवा में कमी की जवाबदेही कौन लेगा?
जियो-एयरटेल से तकनीकी परीक्षण और सुधार की मांग
प्रभावित उपभोक्ताओं ने जियो और एयरटेल से मांग की है कि कमजोर सिग्नल वाले क्षेत्रों का तत्काल तकनीकी सर्वे कराया जाए। आवश्यकता के अनुसार नेटवर्क क्षमता बढ़ाई जाए और घरों के अंदर भी कॉलिंग, मैसेजिंग तथा इंटरनेट की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 4जी-5जी के नाम पर बेहतर सेवाओं का दावा किया जा रहा है, तो मंडला के उपभोक्ताओं को सामान्य फोन कॉल करने के लिए घर से बाहर क्यों निकलना पड़ रहा है?
अब देखना होगा कि दूरसंचार कंपनियां उपभोक्ताओं की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेती हैं और नेटवर्क सुधार के लिए कब तक ठोस कदम उठाती हैं।
