खेत में चारा काट रहे किसान पर जंगली सूअर का हमला, शरीर पर कई गहरे घाव
गोंझी गांव की घटना; ग्रामीणों ने बचाई जान, जिला अस्पताल में उपचार जारी
दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला। जिले में वन्यजीवों की रिहायशी और कृषि क्षेत्रों में बढ़ती आमद के बीच गोंझी गांव में सोमवार को खेत में काम कर रहे एक किसान पर जंगली सूअर ने अचानक हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों की मदद से उसे तत्काल मंडला जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंझी निवासी अशोक वरकड़े, उम्र करीब 42 वर्ष, सोमवार सुबह मवेशियों के लिए चारा काटने खेत गए थे। इसी दौरान अचानक पीछे से आए जंगली सूअर ने उन पर हमला कर दिया। किसान के जमीन पर गिरने के बाद भी सूअर ने अपने नुकीले दांतों से कई वार किए।
चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण, लाठी-डंडों से भगाया सूअर
अशोक की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। लोगों की भीड़ और शोरगुल के बाद जंगली सूअर किसान को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद घायल किसान के परिजनों को सूचना दी गई और 108 एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल किसान के रिश्तेदार आशीष कोकड़िया के अनुसार जंगली सूअर के हमले में अशोक के दोनों हाथ, पैर, जांघ और पेट सहित शरीर के कई हिस्सों में गहरे घाव आए हैं। चिकित्सकों ने घावों की ड्रेसिंग कर आवश्यक इंजेक्शन और उपचार दिया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष ने बढ़ाई चिंता
घटना ने वन क्षेत्र से लगे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों तक वन्यजीवों के पहुंचने से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। खासकर खेतों में अकेले काम करने वाले किसानों के लिए ऐसी घटनाएं गंभीर खतरा बन सकती हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से घायल किसान को नियमानुसार तत्काल आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। साथ ही वनांचल से लगे गांवों में वन विभाग की गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों की आबादी क्षेत्रों में आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।
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