Breaking

revanchal times new

ग्राम पंचायत बनिया में सरकारी भुगतान पर उठे सवाल, बिलों और निर्माण कार्यों की जांच की मांग

ग्राम पंचायत बनिया में सरकारी भुगतान पर उठे सवाल, बिलों और निर्माण कार्यों की जांच की मांग

मशीनरी किराये से लेकर मुरम-गिट्टी परिवहन तक के खर्च पर सवाल, GST विवरण और भुगतान प्रक्रिया की पड़ताल जरूरी

मुख्य सवाल : क्या ग्राम पंचायत बनिया में निर्माण सामग्री, मशीनरी किराये और परिवहन से जुड़े बिलों का भुगतान करने से पहले नियमानुसार सत्यापन किया गया था? अब मूल अभिलेखों और धरातल पर हुए कार्यों के मिलान की आवश्यकता जताई जा रही है।

दैनिक रेवांचल टाइम्स | घुघरी/मंडला। मंडला जिले की जनपद पंचायत घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत बनिया में शासकीय निर्माण कार्यों और विभिन्न मदों में किए गए भुगतान को लेकर सवाल सामने आए हैं। पंचायत दर्पण पर उपलब्ध बताए जा रहे बिलों एवं भुगतान संबंधी दस्तावेजों में मशीनरी किराये, निर्माण सामग्री तथा मुरम-गिट्टी परिवहन से जुड़े खर्च दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।



इन विवरणों के आधार पर बिलों की वैधता, आवश्यक GST संबंधी जानकारी, कार्यों के सत्यापन और सरकारी राशि के भुगतान की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

12,100 और 17,600 रुपये के बिल, सत्यापन पर सवाल

उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, एक बिल में 12,100 रुपये और दूसरे बिल में 17,600 रुपये की राशि दर्ज बताई गई है। भुगतान पत्रक में संबंधित राशि और व्यक्तियों के हस्ताक्षर होने की भी जानकारी दी गई है।

ऐसे में सवाल उठता है कि इन बिलों के भुगतान से पहले आवश्यक दस्तावेजों की जांच और खर्च का सत्यापन किया गया था या नहीं। संबंधित भुगतान किस कार्य के लिए और किस स्वीकृति के आधार पर किए गए, इसकी जानकारी मूल रिकॉर्ड से स्पष्ट होना आवश्यक है।

यदि संबंधित बिलों पर लागू नियमों के अनुसार GST अथवा अन्य अनिवार्य विवरण दर्ज होना जरूरी था, तो उनकी उपलब्धता की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, केवल किसी बिल पर GST विवरण दिखाई नहीं देने से उसे फर्जी या भुगतान को अवैध नहीं कहा जा सकता। इसके लिए संबंधित नियमों और मूल दस्तावेजों का परीक्षण जरूरी है।

मशीनरी किराये और मुरम-गिट्टी परिवहन का भौतिक सत्यापन जरूरी

पंचायत में मशीनरी किराये और निर्माण सामग्री के परिवहन पर दर्ज खर्च की वास्तविकता जानने के लिए संबंधित निर्माण स्थलों का भौतिक सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जिन कार्यों के लिए मशीनरी किराये पर ली गई, उनका वास्तविक उपयोग कहां और कितने समय तक हुआ। इसी तरह मुरम और गिट्टी की कितनी मात्रा परिवहन की गई, किस दर पर भुगतान हुआ तथा संबंधित सामग्री का उपयोग किस निर्माण कार्य में किया गया, इसका मिलान अभिलेखों से होना चाहिए।

जांच में इन दस्तावेजों का मिलान महत्वपूर्ण
  • मूल बिल, वाउचर और भुगतान पत्रक
  • माप पुस्तिका (एमबी) एवं कार्य स्वीकृति संबंधी रिकॉर्ड
  • निर्माण सामग्री की प्राप्ति और उपयोग का विवरण
  • मशीनरी किराये एवं परिवहन संबंधी अभिलेख
  • कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र और मौके की वास्तविक स्थिति

सरपंच-सचिव सहित भुगतान प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका हो स्पष्ट

शासकीय राशि के उपयोग में निर्धारित वित्तीय प्रक्रिया और पारदर्शिता का पालन किया जाना आवश्यक है। ग्राम पंचायत में बिलों का सत्यापन, कार्यों की पुष्टि और भुगतान की स्वीकृति किन अधिकारियों एवं पदाधिकारियों के स्तर पर हुई, इसकी स्थिति अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट की जानी चाहिए।

ग्राम पंचायत बनिया के सरपंच, सचिव और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच का उद्देश्य जिम्मेदारियों का निर्धारण और भुगतान प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति सामने लाना होना चाहिए। जांच से पहले किसी व्यक्ति या पदाधिकारी को वित्तीय अनियमितता का दोषी नहीं माना जा सकता।

कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से निष्पक्ष जांच की मांग

मामले में जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से संबंधित बिलों, GST संबंधी स्थिति, कार्यों की वास्तविकता और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है।

जनपद पंचायत घुघरी के माध्यम से मूल अभिलेखों का परीक्षण कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित भुगतान निर्धारित नियमों के अनुरूप हुए हैं या नहीं।

यदि सभी भुगतान नियमानुसार पाए जाते हैं, तो अभिलेखों के आधार पर स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जानी चाहिए। वहीं, जांच में किसी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई और आवश्यक वसूली सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बड़ा सवाल

आखिर ग्राम पंचायत बनिया में किए गए भुगतानों की वास्तविकता कब स्पष्ट होगी? क्या संबंधित निर्माण कार्यों और बिलों का मिलान कर सरकारी राशि के उपयोग की पूरी जानकारी सामने लाई जाएगी?

सरकारी धन जनता का है। उसके प्रत्येक रुपये के उपयोग में पारदर्शिता, नियमों का पालन और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है।

संपादकीय टिप्पणी : समाचार में उल्लिखित बिलों और भुगतान संबंधी विवरण का स्वतंत्र दस्तावेजी सत्यापन इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। किसी वित्तीय अनियमितता का अंतिम निष्कर्ष सक्षम प्राधिकारी की जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new