मुख्यमंत्री के प्रस्तावित मंडला दौरे से पहले विकास की 12 बड़ी मांगें, उद्योग-रेल से पर्यटन और नगर निगम तक एजेंडा
स्थानीय युवाओं के रोजगार, रेल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, पर्यटन, नर्मदा संरक्षण और शहरी बुनियादी ढांचे को लेकर उठ रहे सवाल
दैनिक रेवाँचल टाईम्स, मंडला समाचार। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित मंडला दौरे को लेकर जिले के विकास से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर यह अपेक्षा सामने आ रही है कि मंडला में रोजगार, उद्योग, रेल, पर्यटन, परिवहन, स्वास्थ्य और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी लंबित जरूरतों पर ठोस पहल हो।
इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का है। जिले में बड़े उद्योग और रोजगार आधारित इकाइयां स्थापित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। इसके पीछे तर्क है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को काम के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की मजबूरी कम हो सकती है।
मंडला के प्राकृतिक संसाधनों, कृषि, वनोपज और पर्यटन क्षमता को स्थानीय रोजगार से जोड़ते हुए औद्योगिक निवेश और कौशल आधारित रोजगार की दिशा में विशेष योजना बनाने की मांग सामने आ रही है।
मंडला की 12 प्रमुख विकास मांगें
जिले के ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अथवा इसी प्रकार की नियमित बस सुविधा का विस्तार किए जाने की मांग है।
पुराने रपटा घाट क्षेत्र में यातायात और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आधुनिक केबल ब्रिज अथवा उच्च क्षमता वाले नए पुल के निर्माण की मांग की जा रही है।
आधुनिक उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा, रोजगार मार्गदर्शन और स्वरोजगार सहायता केंद्रों का विस्तार किया जाए।
जिला मुख्यालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक जांच सुविधाओं और गंभीर बीमारियों के इलाज की व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि मरीजों को जबलपुर सहित दूसरे शहरों पर कम निर्भर रहना पड़े।
मंडला में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार कर बड़े और मध्यम उद्योगों को आकर्षित किया जाए। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के साथ रोजगार से जोड़ने की नीति बनाई जाए, ताकि जिले से रोजगार के लिए होने वाले पलायन को कम किया जा सके।
कान्हा, रामनगर, गरमकुंड, सहस्रधारा और नर्मदा तट के प्रमुख स्थलों को जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित करने की मांग है, जिससे पर्यटन के साथ होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिल सके।
शहर के नर्मदा घाटों की स्वच्छता, सीवेज नियंत्रण, सौंदर्यीकरण और नदी संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना तथा अलग बजट की मांग की जा रही है।
प्रमुख टाइगर रिजर्व को सड़क नेटवर्क से जोड़ने वाली परियोजना की प्रक्रिया तेज कर मंडला और कान्हा क्षेत्र को पर्यटन तथा बेहतर सड़क संपर्क का अधिक लाभ देने की मांग है।
राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह सहित आदिवासी समाज के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए मंडला क्षेत्र में आधुनिक आदिवासी संग्रहालय स्थापित किए जाने की मांग है।
मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती रेलवे स्टेशन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने, मंडला से जबलपुर और अन्य बड़े शहरों के लिए सीधी रेल सेवाएं बढ़ाने तथा पेंड्रा रोड-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला-गोटेगांव जैसे प्रस्तावित रेल संपर्कों की प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाने की मांग की जा रही है।
बिंझिया तिराहा से चिलमन चौक और आगे आरटीआई कॉलेज क्षेत्र तक बढ़ते यातायात को देखते हुए फ्लाईओवर अथवा वैकल्पिक उच्चस्तरीय मार्ग के निर्माण की मांग उठ रही है।
शहर के विस्तार, भविष्य की आबादी और बढ़ती नागरिक सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए वर्तमान नगर पालिका क्षेत्र को नगर निगम का दर्जा देने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आ रही है।
रेल कनेक्टिविटी पर भी बड़ी उम्मीद
मंडला के लिए रेल संपर्क विकास का महत्वपूर्ण मुद्दा है। नई रेल लाइनों, लंबी दूरी की सीधी ट्रेनों और मंडला फोर्ट से सेवाओं के विस्तार की मांग को उद्योग, पर्यटन और स्थानीय व्यापार की संभावनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर अपेक्षा यह है कि इन मुद्दों पर केवल घोषणाओं तक बात सीमित न रहे, बल्कि संबंधित विभागों की जिम्मेदारी, समयसीमा, परियोजना रिपोर्ट और बजट व्यवस्था भी स्पष्ट हो।
मंडला की विकास प्राथमिकता—रोजगार के साथ बुनियादी सुविधाएं
इन 12 मांगों में उद्योग, रोजगार, परिवहन, स्वास्थ्य, पर्यटन, पर्यावरण, आदिवासी विरासत, रेलवे और शहरी विकास से जुड़े विषय शामिल हैं। इनमें उद्योग और स्थानीय रोजगार का मुद्दा विशेष रूप से युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
जिले के प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन क्षमता और जनजातीय विरासत को ध्यान में रखते हुए ऐसा विकास मॉडल बनाने की मांग है जिसमें रोजगार के अवसर स्थानीय स्तर पर बढ़ें, रेल और सड़क संपर्क मजबूत हो तथा मंडला को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान भी बनाए रखने का अवसर मिले।
