तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा का सामूहिक उपवास, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
टीईटी से छूट, नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना और ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने की मांग
दैनिक रेवाँचल टाईम्स, जबलपुर। अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर गांधी जयंती के अवसर पर जबलपुर में शिक्षकों ने सामूहिक उपवास कर अपनी तीन सूत्रीय मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। गांधी भवन, विक्टोरिया के पास दोपहर 1 बजे से शिक्षक एवं अध्यापक एकत्र हुए और शाम 4 बजे मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संयुक्त मोर्चा ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले तत्कालीन नियमों और चयन प्रक्रिया के अनुसार भर्ती शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने, नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना करने तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग उठाई।
गांधी जयंती पर उपवास के जरिए जताया विरोध
मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि गांधी जयंती पर शांतिपूर्ण उपवास के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे और मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
4 अक्टूबर को भोपाल के नीलम पार्क पहुंचने की अपील
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों से 4 अक्टूबर को भोपाल के नीलम पार्क में संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में प्रस्तावित जबलपुर संभाग के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।
मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि टीईटी से संबंधित मांग पर निर्णय होने तक भोपाल में संभागवार धरना-प्रदर्शन जारी रखने की योजना है।
संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर ऐसा प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग की, जिसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से राहत देने का आग्रह हो। मोर्चा ने इसके साथ नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने और ई-अटेंडेंस समाप्त करने की मांग भी दोहराई।
संवाद नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार प्रतिनिधिमंडल से संवाद कर समाधान की दिशा में पहल नहीं करती, तो भोपाल में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान उमाशंकर पटेल, जगत पटेल, अजय रजक, अजय सिंह ठाकुर, दीपक पटेल, संध्या अवस्थी, रत्नेश मिश्रा, संतोष झारिया, भूमिका पटेल, ज्योत्स्ना उपाध्याय, निशा पाठक, मुकेश सोनकर, सुनील नामदेव, आनंद सिंह अधिकारी, मंजूलता सोनी, श्रुति जैन, माधव पांडे, सुनील दत्त तिवारी, सुजाता हल्दकार, विभा पटेल, अरविंद तिवारी, अजय परोहा, प्रशांत राजपूत, सविता तिवारी, मनीष जैन, रामकुमार कुशवाहा, मुकेश कुमार रजक, झनकलाल झारिया, वसुंधरा खटीक, दिनेश साहू और सतीश दीक्षित सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
