विजयादशमी पर सेवा सहयोग पत्रकार संगठन ने कराया विशाल भंडारा, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
सातवें वर्ष भी जारी रही जनसेवा की परंपरा, आयोजकों ने भविष्य में भी धार्मिक कार्यक्रम जारी रखने का लिया संकल्प
दैनिक रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा। विजयादशमी के पावन पर्व पर सेवा सहयोग पत्रकार संगठन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। माता रानी की आराधना और जनसेवा की भावना के साथ आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने भाग लेकर महाप्रसाद ग्रहण किया।
संगठन द्वारा लगातार सातवें वर्ष आयोजित इस भंडारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। पूरे आयोजन के दौरान माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
विजयादशमी के अवसर पर आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक सहयोग और जनसेवा का संदेश दिया।
शहरी लोक सेवा केंद्र में हुआ भव्य आयोजन
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट के समीप स्थित शहरी लोक सेवा केंद्र, छिंदवाड़ा में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने माता रानी का स्मरण करते हुए महाप्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक आयोजन में आम नागरिकों, संगठन के सदस्यों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता रही।
सात वर्षों से निभाई जा रही जनसेवा की परंपरा
आयोजन के प्रमुख सहयोगी संतोष विश्वकर्मा, सूरज कहार, अमित शर्मा और राकेश विश्वकर्मा ने बताया कि सेवा सहयोग पत्रकार संगठन द्वारा माता रानी के आशीर्वाद से विगत सात वर्षों से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ समाज में सेवा, सहयोग और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करना है।
भविष्य में भी जारी रहेंगे जनसेवा के आयोजन
संगठन के सदस्यों ने इस धार्मिक परंपरा को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उनका कहना है कि जनसेवा और धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे कार्यक्रम समाज में सहयोग एवं एकजुटता की भावना को बढ़ावा देते हैं।
आयोजन में सेवा सहयोग पत्रकार संगठन के पदाधिकारी, सदस्य, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई।
सेवा सहयोग पत्रकार संगठन का सातवें वर्ष आयोजित विशाल भंडारा श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण बना। आयोजकों ने भविष्य में भी इस परंपरा को बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
