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छिंदवाड़ा में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मूर्ति स्थापना समारोह, राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने दिया शिक्षा और समानता का संदेश

दैनिक रेवाँचल टाईम्स | छिंदवाड़ा

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मूर्ति स्थापना समारोह, शिक्षा और सामाजिक समानता का दिया संदेश

राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, सतीश डागौर और भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव हुए शामिल

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – छिंदवाड़ा। शहर के वार्ड क्रमांक 23 स्थित वाल्मीकि गुरुद्वारा में महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं मूर्ति स्थापना समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, महाराष्ट्र प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सतीश डागौर और भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शेषराव यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

अतिथियों ने महर्षि वाल्मीकि के दर्शन कर श्रद्धा व्यक्त की और उनके जीवन, विचारों तथा आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। समारोह में शिक्षा, सामाजिक समानता, मानवीय मूल्यों और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।



महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने का आह्वान

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं सत्य, ज्ञान, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रेरित करती हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर सामाजिक भेदभाव दूर करने और समाज में समरसता स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।

महर्षि वाल्मीकि के जीवन और योगदान को किया याद

महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं मूर्ति स्थापना समारोह में उपस्थित अतिथियों और समाजजनों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान का स्मरण किया।

वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज को सत्य, ज्ञान, नैतिकता, समानता और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उनके विचार आज भी समाज में आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

समारोह में सामाजिक भेदभाव को दूर करने, शिक्षा का विस्तार करने तथा प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई गई।

शिक्षा और ज्ञान से जीवन में आता है सकारात्मक बदलाव : सुमित्रा वाल्मीकि

राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और ज्ञान व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए, ताकि सभी लोग अपनी प्रतिभा और योग्यता के अनुसार आगे बढ़ सकें तथा राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकें।

सांसद ने महर्षि वाल्मीकि के विचारों से प्रेरणा लेते हुए मानवता, समानता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सांसद सुमित्रा वाल्मीकि का संदेश

शिक्षा और ज्ञान समाज के विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। प्रत्येक वर्ग को समान शैक्षणिक अवसर मिलने से सामाजिक प्रगति और राष्ट्र निर्माण में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सकती है।

हर व्यक्ति को मिले सम्मान और समान अवसर : सतीश डागौर

महाराष्ट्र प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सतीश डागौर ने सामाजिक सम्मान, समान अवसर और वंचित वर्गों के उत्थान को समाज की प्रगति के लिए आवश्यक बताया।

उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी सार्थक होगी, जब प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके लिए सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी वर्गों के अधिकारों और कल्याण की दिशा में काम करने की आवश्यकता है।

सतीश डागौर ने कहा कि समाज में समरसता और समानता की भावना को मजबूत करना किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सामाजिक सम्मान और अधिकारों पर जोर

सतीश डागौर ने समाज के सभी वर्गों को सम्मान, समान अवसर और अधिकार दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा सामाजिक भेदभाव समाप्त करने की आवश्यकता बताई।

महर्षि वाल्मीकि के आदर्श सामाजिक एकता की प्रेरणा : शेषराव यादव

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने महर्षि वाल्मीकि के विचारों को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को सत्य, सदाचार और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

शेषराव यादव ने सामाजिक एकता, सद्भाव और परस्पर सम्मान को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि महापुरुषों के आदर्शों को केवल स्मरण करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन आदर्शों को अपने व्यवहार और सामाजिक जीवन में अपनाकर ही भाईचारे तथा समरसता की भावना को सुदृढ़ किया जा सकता है।

सामाजिक भेदभाव दूर करने और भाईचारा बढ़ाने का आह्वान

समारोह में वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को वर्तमान सामाजिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाना समाज की साझा जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी वर्गों के बीच आपसी सम्मान, सहयोग और सद्भाव बढ़ाने का संदेश दिया गया।

वक्ताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा और प्रगति के समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई, ताकि सभी लोग विकास की प्रक्रिया में सहभागी बन सकें।

धर्मेंद्र मिगलानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और समाजजन रहे उपस्थित

महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं मूर्ति स्थापना समारोह में पूर्व नगर पालिक निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र मिगलानी, मंडल अध्यक्ष अंकुर शुक्ला, अभिलाष गोहर, जगदीश गोदरे, बलराम साहू और मनीष निर्मलकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के सदस्य, अन्य समाजजन और स्थानीय निवासी भी शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों से सामाजिक समरसता का संदेश

छिंदवाड़ा के वार्ड क्रमांक 23 स्थित वाल्मीकि गुरुद्वारा में आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं मूर्ति स्थापना समारोह में शिक्षा, सामाजिक समानता, सम्मान और भाईचारे का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, महाराष्ट्र प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सतीश डागौर और भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव सहित उपस्थित अतिथियों ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उन्हें जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

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