महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए छिंदवाड़ा में एकजुट हुए पत्रकार, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
दिल्ली में कथित अभद्र व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग, महिला पत्रकारों की सुरक्षा और मीडिया की गरिमा को लेकर छह पत्रकार संगठनों ने उठाई आवाज
दैनिक रेवांचल टाइम्स – छिंदवाड़ा। देश में महिला पत्रकारों की सुरक्षा, पत्रकारिता की स्वतंत्रता और मीडिया की गरिमा को लेकर छिंदवाड़ा जिले के पत्रकार संगठनों ने संयुक्त रूप से आवाज उठाई है। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने नई दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार की निष्पक्ष जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस संबंध में विभिन्न पत्रकार संगठनों ने भारत की राष्ट्रपति के नाम संयुक्त ज्ञापन जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा, पहचान सत्यापन और कवरेज के दौरान अनावश्यक उत्पीड़न से संरक्षण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं।
पत्रकारिता की गरिमा और स्वतंत्रता की रक्षा प्रमुख उद्देश्य
ज्ञापन में पत्रकार संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं है। उनकी मांग पत्रकारिता जगत की गरिमा, स्वतंत्रता और विश्वसनीयता की रक्षा करना तथा महिला पत्रकारों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।
पत्रकारों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है।
महिला पत्रकारों से कथित अभद्रता की स्वतंत्र जांच हो
ज्ञापन में मांग की गई कि नई दिल्ली में सामने आई घटना की तथ्यपरक, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए। जांच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पत्रकार संगठनों ने यह भी कहा कि किसी भी मामले में आरोपों के आधार पर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
महिला पत्रकारों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाने की मांग
ज्ञापन में भीड़भाड़ वाले स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों और उच्च सुरक्षा वाले परिसरों में समाचार कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने की मांग की गई है।
पत्रकारों का कहना है कि स्पष्ट सुरक्षा दिशानिर्देश होने से कवरेज के दौरान उत्पन्न होने वाली विवादास्पद परिस्थितियों को नियंत्रित करने और महिला पत्रकारों की गरिमा की रक्षा करने में सहायता मिलेगी।
पत्रकारों की पहचान सत्यापन में पारदर्शिता जरूरी
ज्ञापन में पत्रकारों की पहचान और संस्थागत संबद्धता के सत्यापन के लिए पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने की मांग भी उठाई गई। पत्रकार संगठनों के अनुसार किसी व्यक्ति को केवल आरोपों अथवा पुराने पहचान-पत्र के आधार पर सही या गलत ठहराने के बजाय संबंधित मीडिया संस्थान की वर्तमान वैधता और अधिकृत कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसके साथ ही फर्जी अथवा समाप्त हो चुके मीडिया संस्थानों के नाम पर पहचान-पत्रों का अनुचित उपयोग करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
वास्तविक पत्रकारों को अनावश्यक उत्पीड़न से मिले संरक्षण
पत्रकार संगठनों ने मांग की कि समाचार संकलन के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे वास्तविक और सक्रिय पत्रकारों को अनावश्यक रूप से रोकने, अपमानित करने या प्रताड़ित करने जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
विशेष रूप से महिला पत्रकारों से संबंधित शिकायतों में उनकी गरिमा, निजता और संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखते हुए त्वरित कानूनी प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता जताई गई।
ज्ञापन में उठाई गईं छह प्रमुख मांगें
- नई दिल्ली की कथित घटना की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कर दोष सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई।
- महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष SOP लागू करना।
- पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की पहचान सत्यापन की पारदर्शी व्यवस्था।
- वास्तविक पत्रकारों को अनावश्यक उत्पीड़न से संरक्षण।
- महिला पत्रकारों की शिकायतों में निजता और गरिमा का ध्यान रखते हुए त्वरित कार्रवाई।
- फर्जी अथवा समाप्त संस्थानों के नाम पर पहचान-पत्रों के दुरुपयोग पर रोक।
छह पत्रकार संगठनों ने संयुक्त रूप से सौंपा ज्ञापन
यह संयुक्त ज्ञापन महाकौशल संपादक संघ, भारतीय पत्रकार संघ, श्रमजीवी पत्रकार संघ, संघर्षवादी पत्रकार संघ, अधिमान पत्रकार संघ एवं संयुक्त पत्रकार संघ की ओर से सौंपा गया।
सभी संगठनों ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने के साथ महिला पत्रकारों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपील
छिंदवाड़ा के पत्रकार समुदाय ने राष्ट्रपति महोदया से इस विषय में हस्तक्षेप करने तथा सक्षम प्राधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है।
पत्रकार संगठनों का कहना है कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता के साथ उसकी विश्वसनीयता और जिम्मेदारी भी सुरक्षित रहनी चाहिए। महिला पत्रकारों की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और पारदर्शी व्यवस्था से मीडिया के प्रति जनविश्वास को मजबूत किया जा सकता है।
पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान केवल मीडिया जगत का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
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