छिंदवाड़ा: बैंक ऑफ महाराष्ट्र में साइबर जागरूकता कार्यशाला, म्यूल खातों और डिजिटल फ्रॉड से बचाव पर जोर
रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा

बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जोनल ब्रांच छिंदवाड़ा में आज ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ के अंतर्गत बैंक कर्मचारियों के लिए विशेष साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और कर्मचारियों व ग्राहकों की सुरक्षा को सुदृढ़ करना था।
वर्चुअल माध्यम से जुड़े संभागभर के बैंककर्मी
कार्यक्रम में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के डिप्टी जोनल मैनेजर कुंदन कुमार वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ जोनल कार्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। छिंदवाड़ा संभाग के अंतर्गत आने वाली अन्य शाखाओं के बैंककर्मी वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यशाला में जुड़े।
म्यूल खातों की पहचान और केवाईसी सत्यापन पर चर्चा
साइबर सेल प्रभारी कंचन सिंह राजपूत, साइबर एक्सपर्ट अभिषेक ठाकुर और अंकित शर्मा ने बैंककर्मियों को आधुनिक साइबर खतरों तथा बचाव के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने अपराधियों द्वारा अवैध लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल खातों की कार्यप्रणाली और उनकी पहचान के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी।
ग्राहकों के केवाईसी सत्यापन के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में भी बताया गया। साथ ही एनसीआरपी पोर्टल पर जांच एजेंसियों और बैंकिंग एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचाव के प्रति करें जागरूक
कार्यशाला में ठगी के नए तौर-तरीकों, जैसे ‘डिजिटल अरेस्ट’, से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई। बैंककर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे ग्राहकों को भी समय-समय पर इन सुरक्षा उपायों से अवगत कराएं।
कार्यशाला के अंत में बैंक अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा के प्रति पूरी सतर्कता बरतने और ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने का संकल्प लिया।