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मंडला में विजयदशमी पर विहिप-बजरंग दल का भव्य शस्त्र पूजन, सनातन संस्कृति की रक्षा और सामाजिक एकता का लिया संकल्प

विजयदशमी विशेष | मंडला

विजयदशमी पर विहिप-बजरंग दल का भव्य शस्त्र पूजन, सनातन संस्कृति की रक्षा का लिया संकल्प

ज्ञानदीप स्कूल परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, संस्कृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और नारी शक्ति पर वक्ताओं ने रखे विचार

दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला

मंडला। विजयदशमी के पावन पर्व पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में नगर के ज्ञानदीप स्कूल परिसर में भव्य शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार्मिक आस्था और परंपरागत विधि-विधान के साथ संपन्न हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, संतों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।



कार्यक्रम के दौरान सनातन संस्कृति, भारतीय सभ्यता, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता के संरक्षण पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने तथा महिलाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

आयोजन का प्रमुख संदेश

विजयदशमी के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन में धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ संस्कृति संरक्षण, सामाजिक एकजुटता, नारी शक्ति और नई पीढ़ी में संस्कारों के विकास पर विशेष जोर दिया गया।

भारत माता और भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण से शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और भगवान श्रीराम के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों ने विधिवत शस्त्र पूजन किया।

आयोजन में धार्मिक परंपराओं का श्रद्धापूर्वक निर्वहन किया गया। अतिथियों का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।

सांसद, मंत्री और संतों सहित अनेक जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में धर्म प्रसार क्षेत्रीय प्रमुख मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ललित परिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर स्वामी शारदात्मक जी महाराज, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम सहित अनेक प्रमुख अतिथि मौजूद रहे।

इसके अलावा सह समरसता प्रमुख महाकौशल प्रांत श्रीमती वंदना अवस्थी, विभाग संयोजिका श्रीमती पूनम सोनी, समाजसेवी सरपंच श्रद्धा उइके, वरिष्ठ समाजसेवी गणेश जसवानी, श्री चंद्रवंशी तथा विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष अधिवक्ता मनोज फागवानी सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

सनातन संस्कृति केवल पूजा-पद्धति नहीं, जीवन जीने की पद्धति : ललित परिधि

मुख्य वक्ता ललित परिधि ने अपने संबोधन में सनातन धर्म, भारतीय सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मान्यताओं के संरक्षण पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की व्यापक पद्धति है। इसमें परिवार, संस्कार, नैतिकता, कर्तव्य और सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण स्थान है।

उन्होंने धर्मांतरण और कथित 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए समाज से जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर आने वाली पीढ़ियों तक परंपराओं और मूल्यों को पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए।

मुख्य वक्ता का संदेश

सनातन परंपरा में परिवार, संस्कार, नैतिकता, कर्तव्य और सामाजिक समरसता का विशेष महत्व है। नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना आवश्यक है।

नई पीढ़ी को संस्कृति और इतिहास से जोड़ना जरूरी : वंदना अवस्थी

सह समरसता प्रमुख महाकौशल प्रांत श्रीमती वंदना अवस्थी ने समाज के बीच जाकर भारतीय संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और इतिहास की जानकारी देना आवश्यक है। परिवार और समाज के स्तर पर संस्कारों को मजबूत करने से ही सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने शस्त्र पूजन की परंपरा को समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, भारतीय परंपराओं में शक्ति की आराधना के साथ कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी निहित है।

नारी शक्ति समाज की मजबूती का आधार : पूनम सोनी

कार्यक्रम के दौरान विभाग संयोजिका श्रीमती पूनम सोनी ने आदिशक्ति, नारी शक्ति और महिलाओं की एकजुटता के महत्व पर अपने विचार रखे।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, साहस और सृजन का प्रतीक माना गया है। समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें आत्मविश्वास के साथ प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने महिलाओं से संगठित रहने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए : श्रद्धा उइके

समाजसेवी सरपंच श्रद्धा उइके ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अत्याचार और अन्याय से बचाव के लिए आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए सक्षम और आत्मविश्वासी बनना चाहिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित एवं विधिसम्मत आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त करने की उपयोगिता भी बताई।

श्रद्धा उइके ने आदिशक्ति की आराधना और शस्त्र पूजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए नारी शक्ति की एकजुटता को समाज की मजबूती का आधार बताया।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मनिर्भर, साहसी और सुरक्षा के प्रति सजग बनने का संदेश दिया गया। महिला प्रतिभागियों ने धार्मिक अनुष्ठान में भी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।

बच्चों को भारतीय सभ्यता और परंपराओं की शिक्षा देना जरूरी : मनोज फागवानी

विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अधिवक्ता मनोज फागवानी ने अपने संबोधन में शस्त्र पूजन के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शक्ति की आराधना के साथ धर्म, न्याय और कर्तव्य पालन का संदेश निहित है। बच्चों को सनातन संस्कृति, भारतीय सभ्यता और पारंपरिक मूल्यों की शिक्षा देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने आयोजन में उपस्थित सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

दूर-दराज से पहुंचे कार्यकर्ता, विधिवत हुआ शस्त्र पूजन

आयोजन में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के अनेक कार्यकर्ता दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे। कार्यक्रम में परंपरागत रूप से लाए गए शस्त्रों का विधि-विधान के साथ पूजन किया गया।

विजयदशमी के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में उपस्थित लोगों ने सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं के संरक्षण का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम में पूर्व विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक खरया, नगर अध्यक्ष शशांक चौरसिया, जिला मंत्री ललित हिडाऊ, जिला मंत्री अमित बैरागी सहित विभिन्न खंडों के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मंच संचालन अमित बैरागी ने किया। समापन अवसर पर अतिथियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का दिया संदेश

विजयदशमी पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, पारिवारिक संस्कार और नारी सशक्तिकरण को समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।

आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़े रहने तथा महिलाओं को आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया गया।

ज्ञानदीप स्कूल परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक अनुष्ठान के साथ सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता का अवसर बना।

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