12 स्किल यूनिवर्सिटी का ऐलान, मंडला का नंबर कब? युवा वर्ष में जिले की दावेदारी पर उठे सवाल
आदिवासी बहुल जिले के युवाओं की नजर सांसद और कैबिनेट मंत्री पर, रोजगारपरक उच्च शिक्षा के बड़े संस्थान की मांग तेज
दैनिक रेवांचल टाइम्स, भोपाल/मंडला। मध्यप्रदेश में वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में 12 नई स्किल यूनिवर्सिटी शुरू किए जाने की घोषणा ने मंडला जिले के युवाओं की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं।
इन प्रस्तावित विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक और कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में आदिवासी बहुल मंडला जिले में अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है— प्रदेश की 12 स्किल यूनिवर्सिटी में मंडला की दावेदारी आखिर कहां खड़ी है?
मंडला जिले के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के अनेक युवाओं को उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में स्किल यूनिवर्सिटी जिले के लिए केवल एक नया शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और स्थानीय अवसरों से जुड़ा बड़ा सवाल बन सकती है।
सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के सामने भी सवाल
मंडला लोकसभा क्षेत्र से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में जिले के युवाओं की नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित स्किल यूनिवर्सिटी में मंडला का नाम शामिल कराने के लिए सांसद स्तर पर क्या पहल की जाती है।
सवाल यह भी है कि केंद्र और राज्य स्तर पर लंबे राजनीतिक अनुभव और संपर्कों का उपयोग क्या मंडला में किसी बड़े कौशल एवं उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना के लिए दिखाई देगा?
कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके से भी उम्मीदें
मंडला विधायक एवं प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके से भी जिले की अपेक्षाएं जुड़ी हैं। राज्य मंत्रिमंडल में जिले का प्रतिनिधित्व होने के कारण युवाओं की उम्मीद स्वाभाविक है कि मंडला की ओर से स्किल यूनिवर्सिटी के लिए मजबूत दावेदारी रखी जाए।
अब बहस केवल इस बात पर नहीं है कि प्रदेश में स्किल यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा हुई है, बल्कि असली सवाल यह है कि मंडला के लिए औपचारिक प्रस्ताव और राजनीतिक पैरवी कौन और कब करेगा?
आदिवासी अंचल को रोजगारपरक संस्थान की जरूरत
मंडला आदिवासी बहुल जिला है, जहां बड़ी संख्या में युवा ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों से आते हैं। स्थानीय स्तर पर कौशल आधारित उच्च शिक्षा उपलब्ध होने से तकनीकी प्रशिक्षण, व्यावसायिक पाठ्यक्रम, स्थानीय उद्योगों से जुड़ी शिक्षा और रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
वन उत्पाद, कृषि, पर्यटन, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी और अन्य रोजगारपरक क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम मंडला जैसे जिले में युवाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान कर सकते हैं।
अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि 12 स्किल यूनिवर्सिटी किन जिलों में स्थापित होंगी, उनके लिए भूमि कहां चिन्हित होगी, बजट कितना होगा, निर्माण कब शुरू होगा और कौन-कौन से रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
युवाओं के सवाल सीधे जनप्रतिनिधियों से
12 यूनिवर्सिटी में मंडला का नाम कौन लिखवाएगा?
जिले के युवाओं के लिए आवाज कौन उठाएगा?
सांसद और कैबिनेट मंत्री कब रखेंगे मंडला की दावेदारी?
क्या ‘युवा वर्ष’ में मंडला को कौशल विकास का बड़ा संस्थान मिलेगा?
सरकार की घोषणा ने मंडला के युवाओं के सामने उम्मीद का एक नया रास्ता जरूर खोला है, लेकिन इसे वास्तविक उपलब्धि में बदलने के लिए अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल जरूरी होगी। जब तक स्थान, बजट और स्थापना की स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आती, तब तक यह घोषणा मंडला के लिए उम्मीद है, मंजिल नहीं।
