पातालकोट में बढ़ रहा ‘होम स्टे’ पर्यटन, सांसद बंटी साहू बोले...आदिवासी परिवारों के लिए बन रहा आय का जरिया
विश्व पर्यटन दिवस पर बीजाढाना में 5 नए होम स्टे का लोकार्पण; ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा
छिंदवाड़ा। जितेन्द्र अलबेला। पातालकोट क्षेत्र के आदिवासी अंचलों में विकसित किए जा रहे ‘होम स्टे’ स्थानीय परिवारों के लिए आय के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन ग्राम बीजाढाना में आयोजित कार्यक्रम में सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू ने कहा कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय आदिवासी परिवारों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
प्राप्त स्थानीय जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा विकसित पर्यटन ग्राम बीजाढाना में रविवार को 5 नए होम स्टे का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि इन्हें मिलाकर जिले में संचालित होम स्टे की संख्या 60 हो गई है।
सांसद साहू ने ग्रामीणों से गांव को स्वच्छ रखने और पर्यटन विकास में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और अच्छा आतिथ्य मिलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ावा मिल सकता है।
कार्यक्रम में कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने होम स्टे योजना को क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी बताते हुए ग्रामीणों से पर्यटकों के साथ बेहतर संवाद और व्यवहार बनाए रखने तथा नई पीढ़ी की शिक्षा पर ध्यान देने की बात कही।
जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार तथा तामिया जनपद अध्यक्ष तुलसा परतेती ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
बीजाढाना पहुंचने पर सांसद, कलेक्टर और अन्य अतिथियों का ग्रामीणों ने पारंपरिक लोकनृत्य एवं ढोल-बाजों के साथ स्वागत किया। इसके बाद अतिथियों ने होम स्टे का अवलोकन किया। संचालकों ने उन्हें उपलब्ध सुविधाओं और स्थानीय आतिथ्य व्यवस्था की जानकारी दी।
सतपुड़ा की वादियों में बसे बीजाढाना और आसपास के पातालकोट क्षेत्र का प्राकृतिक परिवेश पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख आधार है। होम स्टे व्यवस्था के जरिए यहां आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक नजारों के साथ स्थानीय रहन-सहन, खान-पान और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलता है।
स्थानीय स्तर पर दी गई जानकारी के मुताबिक बीजाढाना में अब 8 होम स्टे संचालित हैं, जबकि 3 अन्य निर्माणाधीन हैं।
समारोह में होम परियोजना प्रभारी आर.डी. सिद्दीकी, डीएटीसीसी नोडल अधिकारी बलराम राजपूत, पर्यटन प्रबंधक गिरीश लालवानी, परार्थ समिति से मो. सगीर, मंजरी चांदे, सतपुड़ा सेल्फ से अजय खोबरे, आकाश सरेआम, रिजवान कुरैशी, जनप्रतिनिधि पवन बंजारा, पंडित वतन उपाध्याय, तामिया तहसीलदार संजय मसराम एवं जनपद सीईओ वर्षा झारिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
होम स्टे मॉडल से पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन को करीब से समझने का अवसर मिलता है, वहीं स्थानीय परिवारों के लिए आवास, भोजन और पर्यटन से जुड़ी सेवाओं के माध्यम से आय के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
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