हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर पटवारी संघ अध्यक्ष बोले—पहले अगस्त का वेतन दो, फिर लूंगा रिलीविंग ऑर्डर
गीतेन्द्र बैरागी ने तहसीलदार को सौंपा आवेदन; बिछिया रिलीव किए जाने से पहले लंबित वेतन भुगतान की रखी मांग
मण्डला। तहसील मण्डला में पदस्थ पटवारी एवं पटवारी संघ अध्यक्ष गीतेन्द्र बैरागी ने अगस्त 2026 का वेतन अब तक बैंक खाते में जमा नहीं होने को लेकर तहसीलदार मण्डला को आवेदन सौंपा है। बैरागी ने आवेदन में वेतन भुगतान में देरी के साथ प्रशासनिक स्तर पर मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर के दो प्रकरणों में पारित आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि न्यायालयीन आदेशों के बाद उनकी सेवा संबंधी स्थिति में बदलाव होने के बावजूद उन्हें प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बैरागी ने अपने आवेदन में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर की रिट पिटीशन क्रमांक 23376/2026 में 29 जून 2026 तथा रिट पिटीशन क्रमांक 32092/2026 में 12 अगस्त 2026 को पारित आदेशों का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि इन आदेशों के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष अभ्यावेदन और दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
9 अप्रैल को निलंबन, 15 जून को बिछिया स्थानांतरण
बैरागी के आवेदन के अनुसार 9 अप्रैल 2026 को अनुविभागीय अधिकारी मण्डला द्वारा उन्हें निलंबित किया गया था। निलंबन अवधि के दौरान ही 15 जून 2026 को कलेक्टर द्वारा उनका स्थानांतरण तहसील मण्डला से तहसील बिछिया किए जाने का आदेश जारी किया गया।
इसके बाद कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मण्डला के पत्र क्रमांक कानूनगो/2026/66, दिनांक 1 जुलाई 2026 के माध्यम से निलंबन से बहाली संबंधी आदेश जारी किए जाने का उल्लेख आवेदन में किया गया है। बैरागी के मुताबिक इसकी प्रति कलेक्टर भू-संसाधन एवं प्रबंधन तथा तहसीलदार मण्डला को भी सूचनार्थ भेजी गई थी।
निलंबन का उल्लेख
बिछिया स्थानांतरण
बहाली आदेश का उल्लेख
जून-जुलाई का वेतन मिला, अगस्त का अब भी इंतजार
बैरागी का दावा है कि जून और जुलाई 2026 का पूरा वेतन उन्हें तहसील मण्डला से ही प्रदान किया गया और राशि उनके यूनियन बैंक महाराजपुर स्थित खाते में जमा हुई। उनका कहना है कि अगस्त का वेतन भी पूर्व के महीनों की तरह समय पर मिलना चाहिए था, लेकिन आवेदन दिए जाने तक भुगतान नहीं हुआ।
आवेदन में कलेक्टर भू-संसाधन प्रबंधन मण्डला के पत्र क्रमांक 562/अ.भू.स.प्र./स्था./2026, दिनांक 8 सितंबर 2026 का भी उल्लेख किया गया है।
बैरागी ने दावा किया है कि तहसील मण्डला में पदस्थ अन्य पटवारियों को अगस्त माह का वेतन करीब 20 दिन पहले मिल चुका है, जबकि उनका वेतन अब तक खाते में जमा नहीं हुआ। इसी आधार पर उन्होंने अपने वेतन भुगतान में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं।
नियमित उपस्थिति दर्ज कराने की बात
पटवारी ने आवेदन में कहा है कि वे तहसील मण्डला कार्यालय में नियमित रूप से अपनी उपस्थिति कानूनगो एवं नाजिर कार्यालय में नियुक्त कर्मचारियों के समक्ष दर्ज कराते रहे हैं। उनका दावा है कि उनकी नियमित उपस्थिति की पुष्टि तहसील के अन्य पटवारी एवं कार्यालयीन कर्मचारी भी कर सकते हैं।
बेटे के इलाज का हवाला, आर्थिक संकट का दावा
बैरागी ने आवेदन में पारिवारिक आर्थिक परेशानियों का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र आनंद बैरागी के उपचार सहित परिवार की अन्य जिम्मेदारियां नियमित वेतन पर निर्भर हैं।
आवेदन के मुताबिक पुत्र के उपचार के लिए उन्हें जबलपुर जाना पड़ा। बैरागी का दावा है कि आर्थिक परेशानी के कारण परिचित से ऑनलाइन राशि उधार लेकर इलाज कराना पड़ा। उनका कहना है कि अगस्त का वेतन समय पर नहीं मिलने के कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है।
इसी बीच बैरागी को मण्डला तहसील से बिछिया तहसील के लिए रिलीव किए जाने की बात भी सामने आई है। बैरागी के अनुसार सोमवार शाम तहसील कार्यालय के भृत्य ने फोन पर उन्हें इसकी सूचना दी। इसके बाद कानूनगो मण्डला से दूरभाष पर बातचीत में भी उन्हें मण्डला तहसील से रिलीव कर बिछिया तहसील में उपस्थिति देने की जानकारी मिली।
बैरागी का कहना है कि उन्हें उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन करने में कोई आपत्ति नहीं है और वे मण्डला तहसील कार्यालय द्वारा जारी रिलीविंग आदेश स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने तहसीलदार से मांग की है कि पहले अगस्त माह का लंबित वेतन उनके बैंक खाते में जमा कराया जाए और उसके बाद उन्हें मण्डला से बिछिया के लिए रिलीव किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि अगस्त 2026 के वेतन भुगतान की समस्या का निराकरण होने तक वे रिलीविंग आदेश प्राप्त नहीं करेंगे।
प्रशासनिक प्रताड़ना के लगाए गंभीर आरोप
बैरागी ने अपने आवेदन में प्रशासनिक अधिकारियों पर मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने खुद को कर्मठ, ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी बताते हुए कहा कि वे उच्चाधिकारियों के शासकीय आदेशों और निर्देशों का सम्मान करते हैं।
आवेदन में उन्होंने यह भी लिखा है कि वेतन भुगतान की समस्या के निराकरण की अवधि में उनके अथवा उनके परिवार के साथ किसी प्रकार की घटना या दुर्घटना होती है तो इसके लिए वे संबंधित अधिकारियों और प्रशासन को जिम्मेदार मानेंगे।
वेतन भुगतान में देरी, प्रशासनिक प्रताड़ना और सेवा संबंधी परिस्थितियों को लेकर लगाए गए आरोप गीतेन्द्र बैरागी के आवेदन और उनके दावों पर आधारित हैं। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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