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नाले किनारे कच्ची शराब का बड़ा अड्डा, आबकारी ने 2000 किलो महुआ लाहन किया नष्ट

रेवांचल टाइम्स | मंडला

अवैध शराब के अड्डों पर आबकारी का धावा, 2000 किलो महुआ लाहन नष्ट

इमलीगोहान में नाले किनारे कच्ची शराब बनाने के ठिकानों पर दबिश; 140 लीटर हाथभट्टी शराब जब्त, टीम को देखकर आरोपी फरार

रेवांचल टाइम्स, मंडला। जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच आबकारी विभाग ने ग्राम इमलीगोहान में नाले के किनारे बने कच्ची हाथभट्टी शराब के ठिकानों पर दबिश दी। विभाग के अनुसार मौके से करीब 2000 किलोग्राम महुआ लाहन नष्ट किया गया और लगभग 140 लीटर हाथभट्टी शराब जब्त की गई।
2000 KG
महुआ लाहन नष्ट
140 L
हाथभट्टी शराब जब्त
₹2.21 लाख
अनुमानित कुल कीमत

नाले किनारे बनाए गए थे कच्ची शराब के ठिकाने

विभागीय जानकारी के अनुसार मंडला कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे के निर्देशन और जिला आबकारी अधिकारी सतीश कश्यप के मार्गदर्शन में मंडला वृत्त की आबकारी टीम ने इमलीगोहान क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम को नाले के किनारे कच्ची हाथभट्टी मदिरा तैयार किए जाने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद संबंधित स्थानों पर दबिश दी गई।

200 डब्बों में भरा था महुआ लाहन

कार्रवाई के दौरान शराब तैयार करने के लिए रखा गया बड़ी मात्रा में महुआ लाहन मिला। आबकारी विभाग के मुताबिक मौके पर करीब 200 डब्बे मिले और प्रत्येक में लगभग 10 किलोग्राम लाहन था। इस आधार पर करीब 2000 किलोग्राम महुआ लाहन मौके पर नष्ट कराया गया। शराब निर्माण में उपयोग किए जा रहे बर्तनों को भी नष्ट किए जाने की जानकारी दी गई।



आबकारी टीम पहुंची तो भाग निकले संदिग्ध
विभाग के अनुसार दबिश के दौरान अवैध शराब निर्माण में शामिल संदिग्ध व्यक्ति आबकारी अमले को देखकर मौके से भाग निकले। इस कारण तत्काल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दो प्रकरण दर्ज

आबकारी विभाग ने अवैध मदिरा निर्माण के मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध दो प्रकरण पंजीबद्ध किए हैं। फरार व्यक्तियों की पहचान और तलाश किए जाने की बात कही गई है।

₹2 लाख 21 हजार की सामग्री का अनुमान
विभाग ने जब्त हाथभट्टी शराब, नष्ट किए गए महुआ लाहन और अन्य सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 21 हजार रुपये बताई है।

इतने बड़े अड्डे कैसे हुए तैयार? निगरानी पर भी सवाल

कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठता है कि नाले, नदी किनारे अथवा सुनसान क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में महुआ लाहन और शराब निर्माण की व्यवस्था किस तरह तैयार हो जाती है। आबकारी विभाग का कहना है कि अवैध मदिरा निर्माण एवं बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।

किसी एक कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार की पूरी स्थिति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, लेकिन ऐसे ठिकानों पर दोबारा गतिविधि शुरू न हो, इसके लिए नियमित निगरानी और अवैध कारोबार से जुड़े व्यक्तियों की पहचान महत्वपूर्ण है।

स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी खतरा

अवैध तरीके से तैयार शराब का मामला केवल राजस्व नुकसान तक सीमित नहीं है। अनियंत्रित परिस्थितियों में तैयार शराब की गुणवत्ता और उसमें मौजूद पदार्थों की जानकारी न होने के कारण इसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम भी हो सकते हैं। इसलिए विभागीय कार्रवाई के साथ रोकथाम और सतत निगरानी भी आवश्यक है।

कार्रवाई में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल

कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक सर्वेश नागवंशी, सचिन मंडलोई, हरे सिंह उइके और भानु पुशाम, प्रधान आरक्षक दुर्जन कुलेश तथा शकुंतला सैयाम, कन्हैया उइके और नेतराम काकोटिया शामिल रहे।

आबकारी विभाग का दावा
जिले में अवैध रूप से शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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