Breaking

revanchal times new

दहना गांव में मलेरिया का कहर: एक ही घर के दो बच्चे पॉजिटिव




3 और 6 वर्ष के दोनों बच्चों में गंभीर एनीमिया, स्वास्थ्य टीम की काउंसलिंग के बाद मेडिकल कॉलेज जबलपुर में कराया भर्ती

बीजाडांडी स्वास्थ्य अमले की सक्रियता से समय रहते मिला उपचार, ग्रामीणों में मलेरिया को लेकर चिंता

दैनिक रेवांचल टाईम्स - मंडला/बीजाडांडी। जिले में बारिश के बीच मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम दहना में एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों के मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने से स्वास्थ्य विभाग में भी चिंता बढ़ गई है। दोनों बच्चों की स्थिति के साथ गंभीर एनीमिया भी सामने आया है, जिसके चलते उन्हें बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मंडला कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर 2026 को ग्राम दहना निवासी विजय वरकड़े के दो बच्चे—नित्यम (3 वर्ष) और नमस्वी (6 वर्ष)—मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। दोनों बच्चों का हीमोग्लोबिन भी बेहद कम बताया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार नित्यम का हीमोग्लोबिन 4 ग्राम तथा नमस्वी का 4.3 ग्राम दर्ज किया गया।


घर पहुंची स्वास्थ्य टीम, समझाइश के बाद अस्पताल लाया गया

बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी बीजाडांडी डॉ. अजयतोष मरावी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य टीम बच्चों के घर पहुंची। परिवारजनों को बच्चों की स्थिति और बेहतर उपचार की आवश्यकता के संबंध में समझाइश दी गई। इसके बाद स्वास्थ्य टीम द्वारा दोनों बच्चों को CHC बीजाडांडी की एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जांच एवं चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उच्च स्तरीय उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजने की प्रक्रिया की गई।

काउंसलिंग के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती

विभागीय जानकारी के अनुसार बच्चों के उपचार को लेकर CBMO डॉ. अजयतोष मरावी और नायब तहसीलदार शिखर सोनी के प्रयास एवं काउंसलिंग के बाद दोनों बच्चों को स्वास्थ्य टीम की सतत निगरानी में मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया है।

मलेरिया को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी

बारिश के मौसम में मच्छरों की बढ़ती संख्या के बीच एक ही घर के दो बच्चों के मलेरिया पॉजिटिव मिलने की घटना ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया की रोकथाम और निगरानी को लेकर गंभीर चेतावनी भी है।

     स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया जांच, बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग, मच्छर नियंत्रण और लोगों को जागरूक करने के अभियान को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। वहीं ग्रामीणों से भी अपील है कि बुखार, ठंड लगना, कमजोरी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह के बिना उपचार में देरी न करें।

     वही जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से दोनों बच्चों को समय रहते उच्च स्तरीय उपचार मिलना राहत की बात है, लेकिन घटना यह सवाल भी छोड़ती है कि ग्रामीण इलाकों में मलेरिया की रोकथाम को लेकर निगरानी और जागरूकता कितनी मजबूत है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new