मच्छरों के आतंक में भुआ-बिछिया, जिम्मेदारों की नींद कब खुलेगी?
वार्डों में गंदगी, जाम नालियां और जलभराव ने बढ़ाई परेशानी, मलेरिया-डेंगू फैलने की आशंका से दहशत में नगरवासी
फॉगिंग और सफाई व्यवस्था के दावे हवा में, बीमारी फैलने का इंतजार कर रहा नगर परिषद?
दैनिक रेवांचल टाईम्स - मंडला | भुआ-बिछिया।
वर्षा ऋतु के बीच नगर परिषद भुआ-बिछिया के विभिन्न वार्डों में मच्छरों का बढ़ता प्रकोप अब महज असुविधा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे की घंटी बनता जा रहा है। जगह-जगह जाम नालियां, जमा गंदा पानी और जलभराव के चलते मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे हालात में मलेरिया और डेंगू जैसी मच्छरजनित बीमारियों की आशंका ने नगरवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
विडंबना यह है कि बारिश के मौसम में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नगर परिषद को पहले से ही सक्रिय होकर सफाई, जलनिकासी और फॉगिंग की व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन जमीनी हालात जिम्मेदारों की कथित उदासीनता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।
नालियां जाम, जलभराव बरकरार... आखिर जिम्मेदार कर क्या रहे हैं?
नगर के कई वार्डों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी जमा है। खाली प्लॉट, नालियों और घरों के आसपास जमा पानी मच्छरों के पनपने का बड़ा कारण बन रहा है। इसके बावजूद यदि समय रहते सफाई और मच्छर नियंत्रण की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सवाल यह है कि क्या नगर परिषद किसी बीमारी के फैलने का इंतजार कर रही है?
क्या जिम्मेदारों को तब ही फॉगिंग और सफाई की याद आएगी, जब अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगेगी?
फॉगिंग के नाम पर खानापूर्ति या वास्तव में हो रही है कार्रवाई?
नगरवासियों का कहना है कि मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बीच नियमित फॉगिंग, नालियों की सफाई और जलभराव वाले स्थानों पर मच्छर नियंत्रण की कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए। केवल कागजों में सफाई और फॉगिंग की व्यवस्था दर्ज कर देने से जमीन पर मच्छर खत्म नहीं होंगे।
नगर परिषद को वार्डवार अभियान चलाकर जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित करने, नालियों की सफाई कराने और नियमित फॉगिंग कराने की आवश्यकता है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर संभावित मलेरिया-डेंगू के मामलों की निगरानी भी जरूरी है।
बीमारी फैलने के बाद जागेगा प्रशासन?
नगरवासियों का कहना है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में प्रशासन की भूमिका बीमारी फैलने के बाद इलाज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हो सकती। असली जिम्मेदारी तो बीमारी फैलने से पहले उसके कारणों पर रोक लगाने की है।
लोगों को घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, पुराने टायर, गमले, डिब्बे और अन्य पात्रों में जमा पानी खाली करने तथा साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक करने की जरूरत है। लेकिन इसके साथ नगर परिषद की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
जनता पूछ रही है—मच्छरों से लड़ने की तैयारी कहां है?
भुआ-बिछिया के वार्डों में बढ़ते मच्छरों के प्रकोप ने नगर परिषद की सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आज नालियां साफ नहीं हुईं, जलभराव नहीं हटाया गया और फॉगिंग नहीं हुई तो कल बीमारी फैलने पर जिम्मेदारी किसकी होगी?
नगरवासियों की मांग है कि जिला प्रशासन और नगर परिषद भुआ-बिछिया इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वार्डवार सफाई अभियान, नियमित फॉगिंग, जलभराव की तत्काल निकासी और मच्छर नियंत्रण की ठोस कार्रवाई शुरू करें।
क्योंकि सवाल सिर्फ मच्छरों का नहीं है—
सवाल भुआ-बिछिया के हजारों नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार व्यवस्था बीमारी के दस्तक देने का इंतजार करती है या उससे पहले जागकर कार्रवाई करती है।
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