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हिंदी सेवा में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया बना सिरमौर, मिला ‘प्रथम राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’

रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा

सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया को देश का सर्वोच्च ‘राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’, हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन पर मिला प्रथम पुरस्कार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एमडी एवं सीईओ कल्याण कुमार को सौंपी प्रथम पुरस्कार की शील्ड; राष्ट्रीय उपलब्धि पर छिंदवाड़ा समेत देशभर के बैंककर्मियों में हर्ष

रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा। राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन और प्रचार-प्रसार की दिशा में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा नवी मुंबई में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में बैंक को ‘प्रथम राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

इस राष्ट्रीय उपलब्धि की जानकारी मिलते ही सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय छिंदवाड़ा सहित स्थानीय शाखाओं और बैंककर्मियों में खुशी का माहौल रहा।

🏆 हिंदी सेवा में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी उपलब्धि राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन और उसके प्रचार-प्रसार के लिए बैंक को प्रथम पुरस्कार की प्रतिष्ठित राजभाषा कीर्ति शील्ड प्रदान की गई।

अमित शाह ने एमडी एवं सीईओ कल्याण कुमार को सौंपी शील्ड

समारोह के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एमडी एवं सीईओ कल्याण कुमार को प्रथम पुरस्कार की राजभाषा शील्ड प्रदान की।

आयोजन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित केंद्र एवं राज्य सरकार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

“यह प्रत्येक कर्मचारी के सामूहिक प्रयासों की जीत” पुरस्कार ग्रहण करने के बाद एमडी एवं सीईओ कल्याण कुमार ने इस उपलब्धि का श्रेय बैंक के कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया।

बैंकिंग में हिंदी के साथ सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान पर जोर

कल्याण कुमार ने कहा कि हिंदी केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि देश को एक सूत्र में जोड़ने वाली सांस्कृतिक कड़ी है। उन्होंने कहा कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया राजभाषा हिंदी के साथ सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करते हुए समावेशी और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

आखिर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया को क्यों मिला प्रथम पुरस्कार?

इस राष्ट्रीय उपलब्धि को लेकर रेवांचल टाइम्स के संवाददाता ने क्षेत्रीय प्रमुख कुमार उत्कर्ष से बातचीत की और यह जानने का प्रयास किया कि बैंक को राजभाषा के क्षेत्र में शीर्ष सम्मान मिलने के पीछे कौन-सी प्रमुख पहल रही हैं।

प्रभावी राजभाषा नीति

बैंक ने अपनी कार्य-संस्कृति में हिंदी के प्रयोग को सहज बनाने के साथ कार्यालयीन कामकाज में राजभाषा के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा दिया।

कर्मचारी प्रशिक्षण और प्रोत्साहन

कर्मचारियों को दैनिक बैंकिंग एवं कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के उपयोग के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण और प्रोत्साहन पर जोर दिया गया।

डिजिटल और जमीनी स्तर पर पहल

बैंकिंग सेवाओं और आवश्यक जानकारी को ग्राहकों तक सरल एवं समझने योग्य भाषा में पहुंचाने के प्रयास किए गए, ताकि आम ग्राहक बैंकिंग प्रक्रिया को आसानी से समझ सके।

छिंदवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय में भी खुशी का माहौल

बैंक को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम राजभाषा कीर्ति पुरस्कार मिलने से छिंदवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय और इससे जुड़ी शाखाओं में भी उत्साह है। बैंककर्मियों ने इसे संस्थान की राजभाषा नीति और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

सम्मान की खास बातें ◆ सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया को ‘प्रथम राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’ ◆ नवी मुंबई में आयोजित हुआ अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन ◆ गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदान की पुरस्कार शील्ड ◆ एमडी एवं सीईओ कल्याण कुमार ने ग्रहण किया सम्मान ◆ हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए मिला सम्मान ◆ छिंदवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय एवं शाखाओं में उपलब्धि पर हर्ष
🏆 हिंदी सेवा में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया बना सिरमौर ‘प्रथम राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’ से सम्मानित, राष्ट्रीय मंच पर बैंक की राजभाषा पहल को मिला गौरव

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