भानपुर पंचायत में ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना पर सवाल, सरपंच स्वयं हितग्राही; पुत्री की मजदूरी हाजिरी की जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने मस्टररोल, जॉब कार्ड, भुगतान और हितग्राही चयन की जांच की उठाई मांग; सचिव की भूमिका पर भी लगाए आरोप
खबर में उल्लेखित अनियमितताओं के आरोप शिकायतकर्ताओं और ग्रामीणों के बताए तथ्यों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सक्षम विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
दैनिक रेवांचल टाइम्स, बजाग। जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत भानपुर में शासकीय योजनाओं के संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत में लंबे समय से नियमों की अनदेखी और मनमानी की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति में सुधार नहीं हुआ। अब ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना से जुड़ा नया मामला सामने आने का दावा किया गया है।
📋 पुत्री के नाम मस्टररोल में हाजिरी पर सवाल
शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम पंचायत की महिला सरपंच को ही योजना का हितग्राही बनाया गया है। आरोप है कि संबंधित कार्य में सरपंच की पुत्री के नाम से मनरेगा मस्टररोल में मजदूरी की उपस्थिति भी दर्ज की गई। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि एक सप्ताह से अधिक की हाजिरी दर्ज हुई है।
इसी आधार पर ग्रामीणों ने संबंधित मस्टररोल, जॉब कार्ड, भुगतान विवरण, कार्यस्थल की उपस्थिति और वास्तविक रूप से काम करने वाले मजदूरों का सत्यापन कराने की मांग की है। यह जांच का विषय है कि दर्ज उपस्थिति के अनुरूप संबंधित व्यक्ति ने वास्तव में कार्य किया था या नहीं।
🔎 शिकायत में बताए गए कार्य का विवरण
🔢 वर्क कोड: 1745004010आईएफ22012035636504
📑 मस्टररोल नंबर: 419
💰 स्वीकृत राशि: ₹1,85,367
👷 मजदूरी मद: ₹82,200.76
🧱 सामग्री मद: ₹1,02,964.33
⚡ परिवार को लाभ पहुंचाने का आरोप, चयन प्रक्रिया पर सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शासकीय योजना में हितग्राही चयन निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने सरपंच और उनके परिवार को योजना से लाभ मिलने की परिस्थितियों की जांच कराने की मांग की है।
यदि सक्षम जांच में हितग्राही चयन अथवा मजदूरी भुगतान में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तभी संबंधित जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई निर्धारित की जा सकेगी।
💧 सरपंच पति की भूमि पर सार्वजनिक कूप निर्माण की शिकायत भी लंबित
ग्राम पंचायत भानपुर में इससे पहले भी सार्वजनिक पेयजल कूप के निर्माण को लेकर शिकायत सामने आने की बात कही गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वार्ड क्रमांक-2 में वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत सार्वजनिक कूप का निर्माण सरपंच के घर के पास सरपंच पति की भूमि पर कराया गया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस मामले में शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इस आरोप की भी राजस्व अभिलेख, स्वीकृति दस्तावेज और मौके के भौतिक सत्यापन के आधार पर जांच की मांग की जा रही है।
📂 सचिव महेंद्र बघेल की भूमिका पर भी आरोप
शिकायत में पंचायत सचिव महेंद्र बघेल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत निधि से राशि के आहरण और योजनाओं के क्रियान्वयन में लंबे समय से अनियमितता की शिकायतें की जाती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की सत्यता भी अभिलेखों और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
✅ संबंधित मजदूरों के जॉब कार्ड और भुगतान विवरण
✅ कार्य की जियो-टैगिंग और मौके का भौतिक सत्यापन
✅ ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना में हितग्राही चयन की पात्रता
✅ सरपंच की पुत्री के नाम दर्ज मजदूरी की वास्तविकता
✅ पंचायत निधि से हुए आहरण का रिकॉर्ड
✅ सार्वजनिक कूप की स्वीकृत जगह और वास्तविक निर्माण स्थल
✅ पिछले वर्षों के संबंधित निर्माण एवं विकास कार्य
लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब निगाह जनपद और जिला स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों पर है। निष्पक्ष अभिलेखीय और भौतिक जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं।
निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग
