बरगी बांध विस्थापितों की समस्याओं पर मंथन, पुनर्वास के लंबित मुद्दों के समाधान के लिए बनेगी साझा रणनीति
भूमि वापसी, राजस्व ग्राम, आवासीय पट्टे और मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे प्रमुखता से उठे
बरगी नगर। बरगी बांध से विस्थापन के वर्षों बाद भी पुनर्वास से जुड़े अनेक मुद्दे लंबित होने की बात ग्रामीणों द्वारा उठाई जा रही है। इन्हीं समस्याओं को लेकर गुरुवार को सच्चा प्रयास समिति, बरगी नगर में “विस्थापन एवं पुनर्वास संबंधी प्रावधानों तथा लंबित मुद्दों पर अभिमुखीकरण एवं क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 13 गांवों के सामुदायिक नेता, ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राजकुमार सिन्हा एवं राजेश तिवारी तथा सच्चा प्रयास संस्था प्रमुख परवेज़ खान की उपस्थिति में विस्थापित ग्रामीणों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को विस्थापन एवं पुनर्वास से संबंधित प्रावधानों और अधिकारों की जानकारी भी दी गई।
● भूमि वापसी से जुड़े लंबित मामलों का समाधान
● विस्थापित ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग
● पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे उपलब्ध कराने का मुद्दा
● वन अधिकार अधिनियम के तहत दावों के आधार पर आवासीय एवं खेती के पट्टे
● सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं
● शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में सुधार
ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के समक्ष संगठित एवं प्रभावी तरीके से अपनी मांगें रखने की आवश्यकता है। प्रशिक्षण में इस बात पर भी चर्चा हुई कि उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि विस्थापितों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जनसमस्या निवारण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष समस्याओं से संबंधित तथ्य रखे जाएंगे और उनके समाधान को लेकर संवाद किया जाएगा।
बैठक में बरगी विस्थापितों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी सरकारी आदेश के परिपालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने पर भी सहमति बनी। उपस्थित लोगों ने प्रशासन के साथ संवाद के माध्यम से लंबित समस्याओं के निराकरण की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई।
प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम में विधायक, जिला पंचायत, जनपद पंचायत तथा संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों से संपर्क कर उन्हें आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। उद्देश्य यह है कि विस्थापितों से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासन एक मंच पर चर्चा कर सकें।
संवाद कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर एक समिति का गठन भी किया गया है। यह समिति जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समन्वय का कार्य करेगी तथा विस्थापितों की समस्याओं को व्यवस्थित रूप से संबंधित स्तर तक पहुंचाने में भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में नन्हेंलाल रजक, राजकुमार यादव, रूपचंद यादव, बारेलाल, धनलाल, जममन पटेल, रघुवीर झारिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
