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बजाग में नम आंखों से गणपति बप्पा को विदाई, जमकर बरसे बदरा तो झूमकर नाचे भक्त

दैनिक रेवांचल टाइम्स | बजाग

बजाग में नम आंखों से गणपति बप्पा को विदाई, जमकर बरसे बदरा तो झूमकर नाचे भक्त

मूसलाधार बारिश के बीच निकले विसर्जन चल समारोह, भीगते हुए नाचते-गाते चकरार नदी पहुंचे श्रद्धालु

बजाग। गणेशोत्सव के ग्यारह और बारह दिवसीय आयोजन के बाद शुक्रवार को नगर में गणपति बप्पा की विदाई का सिलसिला भावुक माहौल के बीच शुरू हुआ। दिनभर रुक-रुककर होती रही बारिश और विसर्जन के दौरान हुई मूसलाधार बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी।



बारिश में सिर से पैर तक भीगे भक्त डीजे और बैंड-बाजे की धुन पर नाचते-गाते गणपति बप्पा को विदाई देने निकले। बच्चों, महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। अलग-अलग स्थानों से निकले विसर्जन चल समारोह के दौरान 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

बारिश बरसती रही... आस्था थिरकती रही

भीगते रहे भक्त, गूंजते रहे जयकारे और बैंड-डीजे की धुन पर झूमता रहा बजाग

नगर के अलग-अलग मोहल्लों से निकले चल समारोह

नगर के घरों, मंदिरों, धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों तथा शासकीय संस्थानों में विराजित भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन और आरती करने के बाद विसर्जन किया गया। गुरुवार से शुरू हुआ प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुक्रवार देर रात तक चलता रहा।

शुक्रवार शाम तक राम मंदिर, आवास मोहल्ला, बजरंग मंदिर, कबीर मोहल्ला, रजक मोहल्ला तथा मरखी तिराहे के समीप स्थापित गणेश प्रतिमाओं के चल समारोह निकाले गए। श्रद्धालु प्रतिमाओं के साथ चकरार नदी पहुंचे, जहां विधि-विधान से गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

मूसलाधार बारिश में भी थिरकते रहे भक्त

शुक्रवार को दिनभर बारिश का दौर चलता रहा। विसर्जन के समय कई बार तेज बारिश हुई, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। पूरी तरह भीग जाने के बावजूद भक्त डीजे और बैंड-बाजे की धुन पर जमकर थिरकते रहे।

युवा गुलाल उड़ाते और आतिशबाजी करते हुए नाचते-गाते चल रहे थे। बच्चे और महिलाएं भी विसर्जन यात्राओं में पूरे उत्साह के साथ शामिल हुईं। बारिश के बीच जयकारों और ढोल-डीजे की गूंज से नगर का माहौल पूरी तरह गणेशमय हो गया।

दसवें दिन हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन

गणेशोत्सव के दसवें दिन नगर के विभिन्न गणेश पंडालों में हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। उत्सव के दौरान सुबह-शाम पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती रही और विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की गई।

विसर्जन से पहले समितियों और श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आराधना कर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके बाद अलग-अलग पंडालों से विसर्जन यात्राएं निकाली गईं।

दो दिनों तक चला विसर्जन का दौर

नगर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला दो दिनों तक चलता रहा। अत्यधिक बारिश के कारण अन्य पंडालों में विराजित सभी प्रतिमाओं के विसर्जन की सटीक जानकारी नहीं मिल सकी। स्थानीय जानकारी के अनुसार कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार को भी किया जाना है।

नम हुईं आंखें, फिर आने की कामना के साथ दी विदाई

गणेशोत्सव के दौरान कई दिनों तक पूजा-अर्चना और भक्ति में लीन रहे श्रद्धालु विसर्जन की बेला में भावुक नजर आए। प्रतिमाओं को अंतिम विदाई देते समय भक्तों ने जयकारे लगाए और गणपति बप्पा से अगले वर्ष फिर आने की कामना की।

“गणपति बप्पा मोरया... अगले बरस तू जल्दी आ”

बारिश के बीच आस्था, उत्साह और भावुकता के संग बप्पा को दी गई विदाई

विसर्जन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मूसलाधार बारिश के बावजूद जिस उत्साह और आस्था के साथ भक्तों ने गणपति बप्पा को विदाई दी, उससे बजाग नगर में देर रात तक भक्तिमय माहौल बना रहा।

दैनिक रेवांचल टाइम्स
बजाग | गणेशोत्सव 2026 | गणपति विसर्जन

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