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भर्रा टोला का कोल्ड स्टोरेज बना किसानों का सहारा, ₹7 करोड़ की सुविधा में शासन का ₹2.50 करोड़ अनुदान

कृषि अधोसंरचना | डिंडौरी

भर्रा टोला का कोल्ड स्टोरेज बना किसानों का सहारा, ₹7 करोड़ की सुविधा में शासन का ₹2.50 करोड़ अनुदान

आलू-टमाटर से लेकर महुआ और दालहन तक के भंडारण की सुविधा, किसानों और व्यापारियों को मिला स्थानीय विकल्प

दैनिक रेवांचल टाइम्स - बजाग। विकासखंड अंतर्गत भर्रा टोला में स्थापित कोल्ड स्टोरेज किसानों और व्यापारियों के लिए कृषि एवं वन उपज के भंडारण का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर सामने आया है। विभागीय जानकारी के अनुसार यह डिंडौरी जिले का एकमात्र कोल्ड स्टोरेज है। करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सुविधा के निर्माण में शासन द्वारा उद्यानिकी विभाग के माध्यम से लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।



आलू, टमाटर, महुआ और दालहन का हो रहा भंडारण

कोल्ड स्टोरेज में आलू, टमाटर, महुआ और दालहन सहित विभिन्न कृषि एवं वन उपज के सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण की सुविधा उपलब्ध है। इससे किसानों और व्यापारियों को अपनी उपज तथा सामग्री को रखने के लिए जिले के भीतर ही एक महत्वपूर्ण विकल्प मिला है।

जल्दी खराब होने वाली उपज के लिए विशेष रूप से उपयोगी

आलू और टमाटर जैसी जल्दी खराब होने वाली कृषि उपज के लिए उचित भंडारण की व्यवस्था किसानों के लिए महत्वपूर्ण होती है। भर्रा टोला में यह सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को अपनी आवश्यकता के अनुसार उपज के संरक्षण और रख-रखाव में सहूलियत मिल रही है। इसके साथ ही महुआ और दालहन जैसी उपज का भी यहां भंडारण किया जा रहा है।

₹7 करोड़ की परियोजना, ₹2.50 करोड़ की अनुदान सहायता

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोल्ड स्टोरेज की कुल लागत लगभग 7 करोड़ रुपये है। इसमें शासन की ओर से हॉर्टिकल्चर (उद्यानिकी) विभाग के माध्यम से करीब 2.50 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई। इस आर्थिक सहयोग ने जिले में आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गौरव कुमार साहू बोले—किसानों और व्यापारियों के लिए उपयोगी साबित हो रही सुविधा

हॉर्टिकल्चर विभाग से जुड़े गौरव कुमार साहू ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज किसानों और व्यापारियों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। किसान अपनी कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं, जबकि व्यापारी अपनी जरूरत के अनुसार विभिन्न कृषि उपज एवं सामग्री का भंडारण कर रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर मिली भंडारण की सुविधा

क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज उपलब्ध होने से कृषि एवं वन उपज के भंडारण के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिला है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार उपज को यहां रख सकते हैं और व्यापारियों को भी स्थानीय स्तर पर भंडारण की आधारभूत सुविधा उपलब्ध हुई है।

शासन के अनुदान से मजबूत हुई कृषि अधोसंरचना

गौरव कुमार साहू के अनुसार शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई अनुदान सहायता से इस तरह की आधुनिक भंडारण सुविधा विकसित करने में सहयोग मिला है। भर्रा टोला में स्थापित यह कोल्ड स्टोरेज किसानों और व्यापारियों को कृषि एवं वन उपज के सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ जिले की कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

एक नजर में
परियोजना लागत — लगभग ₹7 करोड़
शासन का अनुदान — लगभग ₹2.50 करोड़
स्थान — भर्रा टोला, बजाग विकासखंड, जिला डिंडौरी
दैनिक रेवांचल टाइम्स
बजाग | डिंडौरी | किसान | कोल्ड स्टोरेज | उद्यानिकी

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