Breaking

revanchal times new

रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती पर खिरखिरी में भव्य आयोजन



साहस, शौर्य और नारी सशक्तीकरण की प्रतीक महानायिका को किया नमन



दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला।1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना एवं साहस, शौर्य और नारी सशक्तीकरण की प्रतीक रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जन्म जयंती के अवसर पर ग्राम खिरखिरी में लोधी समाज द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों के साथ ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों एवं अन्य समाज के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रजय जैन, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष नैनपुर रहे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत खिरखिरी के सरपंच रूपलाल सहित विष्णु गुमास्ता, अनवर पटेल, लेखन पटेल, सरदार गुमास्ता, बसंत पटेल, मुकेश ठाकुर, ब्रजेश गुमास्ता सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


समाज के एक अनुभवी और वृद्ध ने वीरांगना रानी अवंतीबाई का परिचय देते हुए बतलाया की रानी अवंतीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को तत्कालीन सिवनी क्षेत्र के मनकेहड़ी गांव में जमींदार राव जुझार सिंह के परिवार में हुआ था। उनका विवाह रामगढ़ रियासत के राजा विक्रमादित्य सिंह से हुआ और वे रामगढ़ की रानी बनीं। वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया।


रानी अवंतीबाई ने अपने क्षेत्र के लोगों को संगठित कर अंग्रेजी हुकूमत का मुकाबला किया। उनका जीवन त्याग, स्वाभिमान, नेतृत्व और देशभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज भी उनका शौर्य और बलिदान विशेष रूप से महिलाओं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी केवल एक समाज की महानायिका नहीं, बल्कि संपूर्ण देश की वीरांगना हैं। उनके जीवन से हमें साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रप्रेम और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और नई पीढ़ी तक उनके गौरवशाली इतिहास को पहुंचाने का संकल्प लिया।

Post a Comment

Previous Post Next Post