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प्रशासनिक लापरवाही और गैस एजेंसी की दबंगई से परेशान महिला, 1 वर्ष से रसोई गैस के लिए दर-दर भटकने को मजबूर




रेवांचल टाइम्स  छिंदवाड़ा|शासन-प्रशासन के नियम-कानूनों को ताक पर रखकर किस तरह आम उपभोक्ताओं का उत्पीड़न किया जाता है, इसका जीता-जागता उदाहरण परासिया तहसील के अंतर्गत आने वाली डोगरा गैस एजेंसी में देखने को मिल रहा है। एक पीड़ित महिला उपभोक्ता बीते 1 वर्ष से महज एक रसोई गैस सिलेंडर के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन उसकी समस्या पर न तो जनसुनवाई में ध्यान दिया जा रहा है और न ही तहसील प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है।



​होम डिलीवरी मांगने पर सस्पेंड किया कनेक्शन

जानकारी के अनुसार, महिला उपभोक्ता का कनेक्शन वर्ष 2009 से डोगरा गैस एजेंसी के पास पंजीकृत है। पिछले वर्ष तक उपभोक्ता को नियमित रूप से गैस आपूर्ति की जा रही थी। विवाद तब शुरू हुआ जब एजेंसी ने घर पर सिलेंडर देने (होम डिलीवरी) से साफ मना कर दिया और उपभोक्ता को खुद एजेंसी आकर सिलेंडर ले जाने की शर्त रखी। जब उपभोक्ता ने इसकी शिकायत की, तो तिलमिलाई गैस एजेंसी ने दुर्भावनापूर्वक उपभोक्ता का कनेक्शन ही सस्पेंड कर दिया।

अभद्रता, झूठे दिलासे और पासबुक गुमाने का आरोप

पीड़ित महिला का आरोप है कि बुकिंग के लिए फोन करने पर एजेंसी कर्मी रुक-सूखे लहजे में अभद्र व्यवहार करते हैं। हद तो तब हो गई जब कनेक्शन चालू करने के बहाने महिला की मूल पासबुक जमा करवा ली गई और दो महीने तक चक्कर कटाने के बाद उसे गुम कर दिया गया। काफी कहासुनी के बाद दूसरी पासबुक तो जारी की गई, लेकिन सिलेंडर की आपूर्ति फिर भी बहाल नहीं की गई।

​4 बार केवाईसी के बाद भी 'सर्वर डाउन' का बहाना

शिकायत से बौखलाई एजेंसी जानबूझकर महिला को प्रताड़ित कर रही है। 26 अगस्त को चौथी बार केवाईसी (KYC) के नाम पर महिला को भगत सिंह चौराहे स्थित केंद्र पर घंटों बैठाकर रखा गया और अंत में हमेशा की तरह 'सर्वर खराब है' कहकर लौटा दिया गया। महिला अब तक 5 बार केवाईसी के लिए चक्कर काट चुकी है।

जनसुनवाई और एसडीएम ऑफिस के चक्कर बेनतीजा

प्रशासन की संवेदनहीनता का आलम यह है कि पीड़ित महिला ने 4 अगस्त को कलेक्टर जनसुनवाई (शिकायत क्रमांक 148) में गुहार लगाई थी, जहां 2 दिन में कार्रवाई का आश्वासन मिला था। 17 अगस्त तक कोई कदम न उठाए जाने पर महिला ने 18 अगस्त को अनुविभागीय अधिकारी  परासिया के समक्ष भी आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

​₹1500 में ब्लैक से सिलेंडर खरीदने को मजबूर, 181 पर दर्ज कराई शिकायत

गैस सप्लाई बंद होने के कारण महिला को तीज-त्योहारों के इस सीजन में बाजार से ₹1500 प्रति सिलेंडर की दर से ब्लैक में गैस खरीदने को विवश होना पड़ रहा है। जनसुनवाई और स्थानीय प्रशासन से न्याय न मिलने पर अंततः हताश होकर उपभोक्ता ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 का सहारा लिया है। उपभोक्ता का कहना है कि यदि 181 के माध्यम से भी त्वरित समाधान और दोषी एजेंसी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री तक गुहार लगाने को बाध्य होंगी।


सवालिया निशान

जब जनसुनवाई और प्रशासनिक अधिकारियों के चौखट पर महीने भर आवेदन पटकने के बाद भी धरातल पर जांच शून्य रहे, तो क्या मुख्यमंत्री की जनसुनवाई केवल कागजी दिखावा बनकर रह गई है?


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