रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ाजिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (SNCU/NICU) में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 1:50 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। वार्मर मशीन की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में अचानक हुई स्पार्किंग से आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर एक ही वार्मर में रखे तीन नवजात बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि अस्पताल स्टाफ की तत्परता से वार्ड में भर्ती अन्य 30 बच्चों को समय रहते सुरक्षित निकालकर दूसरी यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया।
चिकित्सकीय स्थिति और जबलपुर रेफरल
हादसे की खबर मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे, आरएमओ, डीन और शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज के स्पेशलिस्टों ने बच्चों की जांच की। छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन (बाल शल्य चिकित्सक) न होने और बच्चों को सर्जरी की आवश्यकता को देखते हुए, दो डॉक्टरों की विशेष निगरानी में तीनों नवजातों को जबलपुर सुपरस्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया।
दुखद खबर एक बच्ची का निधन
जबलपुर ले जाए गए तीन बच्चों में से पूर्व से ही गंभीर रूप से बीमार खापाबिहारी (चांद) निवासी शिवानी पति आदित्य वर्मा की नवजात बच्ची का दुखद निधन हो गया। बच्ची के निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
सांसद बंटी विवेक साहू ने जताया दुख, CM को लिखा पत्र:
घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
तकनीकी खराबी से हुआ हादसा
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार प्रारंभिक जांच में हादसा वार्मर मशीन के फिलामेंट में स्पार्किंग और तकनीकी खराबी के कारण होना सामने आया है। अस्पताल प्रशासन ने हादसे के विस्तृत कारणों की जांच शुरू कर दी है।
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