दैनिक रेवाँचल टाईम्स - मंडला। शिक्षा विभाग में कथित अनियमितताओं और शिकायतों को लेकर प्रकाशित रेवांचल समाचार की खबर का असर अब दिखाई देने लगा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मंडला ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने के निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश में तीन शिक्षकों/शिक्षाकर्मियों के नाम सामने आए हैं। इनमें उत्कृष्ट विद्यालय मंडला के प्राचार्य, हाई स्कूल सिलपटा के प्राचार्य तथा जनशिक्षा केंद्र हिरदेनगर के जनशिक्षक शामिल हैं। आदेश में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचना भी प्रेषित की गई है।
यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर आर्थिक लेन-देन और विभागीय स्तर पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। रेवांचल ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए जिम्मेदारों की भूमिका और गरीब फरियादी को न्याय मिलने पर सवाल खड़े किए थे।
अब असली सवाल—कार्रवाई होगी या केवल कागजी खानापूर्ति?
विभाग द्वारा कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मामला वास्तव में निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई तक पहुंचेगा, या फिर विभागीय सांठगांठ के चलते फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?
गरीब फरियादी की शिकायत यदि सही पाई गई है तो केवल नोटिस और कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। दोषियों पर ऐसी कार्रवाई जरूरी है, जिससे भविष्य में किसी जरूरतमंद से कथित तौर पर पैसे मांगने या पद का दुरुपयोग करने की हिम्मत न हो।
रेवांचल की नजर अब आगे की कार्रवाई पर है।
देखना होगा कि विभाग इस मामले में पारदर्शिता बरतते हुए फरियादी को वास्तविक न्याय दिलाता है या फिर जांच, नोटिस और कार्रवाई के नाम पर वही पुरानी लीपापोती दोहराई जाती है।

