रेवांचल टाइम्स मोहगांव मंडला|बरसात का मौसम शुरू होते ही जहां किसान अपने खेतों में धान रोपाई और अन्य कृषि कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं, वहीं ग्राम पंचायत मोहनिया पटपरा में बिजली विभाग की लापरवाही किसानों की जान पर भारी पड़ सकती है। गांव के कृषक कलीराम भारतीया के खेत से होकर गुजर रही विद्युत लाइन के झुके पोल और झुकी हुई तारें किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देती नजर आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पोल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि तेज बारिश या हवा चलने पर वह कभी भी गिर सकता है।
सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि यह बिजली लाइन सीधे खेती वाले क्षेत्र से गुजर रही है, जहां इन दिनों किसान सुबह से शाम तक खेतों में काम कर रहे हैं। यदि अचानक पोल गिर गया या हाईटेंशन तार टूटकर खेत में आ गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बिजली विभाग किसी किसान की मौत या दुर्घटना का इंतजार कर रहा है
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बिजली विभाग उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल वसूलने में तो पूरी सख्ती दिखाता है, लेकिन लाइनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई नहीं देती। यही कारण है कि झुके पोल और ढीली तारें आज भी खतरा बनी हुई हैं।
बरसात के मौसम में खेतों में पानी भरा रहता है। ऐसी स्थिति में यदि विद्युत तार टूटकर पानी में गिर जाए तो करंट पूरे खेत में फैल सकता है, जिससे किसान, मजदूर और मवेशियों की जान खतरे में पड़ सकती है। हर वर्ष प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में करंट लगने से किसानों की मौत की खबरें सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग समय रहते सबक लेने को तैयार नहीं दिखता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को दुर्घटना होने के बाद मुआवजा घोषित करने के बजाय पहले से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि पोल जर्जर हो चुके हैं तो उन्हें तत्काल बदला जाए और ढीली या क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत की जाए। इससे न केवल संभावित हादसों को रोका जा सकेगा बल्कि किसानों में भी सुरक्षा का विश्वास बनेगा।
अब क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर तत्काल निरीक्षण करें और खेत से गुजर रही इस विद्युत लाइन का रखरखाव कर जर्जर पोल को बदला जाए। यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं किया गया और कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और विभाग की होगी।
