रेवांचल टाईम्स - मंडला मध्यप्रदेश के मण्डला जिले में मनमानी, धांधली और लापरवाही का साम्राज्य स्थापित हो गया है। कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लगभग सभी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। कृषि विभाग की योजनाएं कहां पर संचालित हो रही हैं और आवंटित धन का क्या किया जा रहा है यह जांच का विषय बन गया है। तहसील कार्यालयों में किसानों के काम नहीं हो पा रहे हैं। किसान दर-दर भटक रहे हैं और कोई इन्हें पूछने वाला भी सामने नहीं आ रहा है। राजस्व की समस्याएं दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं जिनका निराकरण नहीं किया जा रहा है। बिजली का बिल भी अनाप शनाप आ रहा है जिसकी कोई जांच नही हो रही है। बिजली का गुल होना परेशानी का सबब बना हुआ है। किसान सम्मान निधि का पैसा सभी किसानों को नहीं मिला है। कई किसान आज भी इस योजना के लाभ से वंचित हैं। किसी को पैसा मिल रहा है तो किसी का नाम भी नहीं जुड़ा है जिनका नाम छूट गया है उनके नाम जोडऩे की कार्यवाही नहीं की जा रही है। सड़कों की हालत खस्ता है। सरकारी भवनों की दशा दयनीय होती जा रही है। उद्यानिकी विभाग का पता नहीं चल रहा है। बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। कहीं आत्मनिर्भरता नहीं दिखाई दे रही है। कौशल विकास की योजनाओं का पता नहीं चल रहा है। शासन प्रशासन इस जिले में सुस्त दिखाई दे रहे हैं। सब तरफ मनमानी चल रही है और आला अधिकारी मौन साधकर बैठे हुए हैं। निर्माण कार्यों में मनमानी चरम सीमा पर पहुंच गई है। इसके बाद भी किसी के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। निर्माण कार्यों का निरीक्षण अधिकारियों द्वारा नहीं किया जा रहा है। आवास और शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं। जनपद पंचायत मंडला अंतर्गत आंगनवाडिय़ों में धांधली हो रही है। बच्चों का वजन नहीं लिया जा रहा है, पोषण आहार वितरित नही किया जा रहा है तथा समय पर टीका नहीं लगाया जा रहा है। इसके अलावा तमाम तरह की समस्याएं जिनका निराकरण नहीं किया जा रहा है। जनापेक्षा है सभी समस्याओं को निराकरण शीघ्र किया जाए।।
रेवांचल टाईम्स - मंडला मध्यप्रदेश के मण्डला जिले में मनमानी, धांधली और लापरवाही का साम्राज्य स्थापित हो गया है। कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लगभग सभी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। कृषि विभाग की योजनाएं कहां पर संचालित हो रही हैं और आवंटित धन का क्या किया जा रहा है यह जांच का विषय बन गया है। तहसील कार्यालयों में किसानों के काम नहीं हो पा रहे हैं। किसान दर-दर भटक रहे हैं और कोई इन्हें पूछने वाला भी सामने नहीं आ रहा है। राजस्व की समस्याएं दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं जिनका निराकरण नहीं किया जा रहा है। बिजली का बिल भी अनाप शनाप आ रहा है जिसकी कोई जांच नही हो रही है। बिजली का गुल होना परेशानी का सबब बना हुआ है। किसान सम्मान निधि का पैसा सभी किसानों को नहीं मिला है। कई किसान आज भी इस योजना के लाभ से वंचित हैं। किसी को पैसा मिल रहा है तो किसी का नाम भी नहीं जुड़ा है जिनका नाम छूट गया है उनके नाम जोडऩे की कार्यवाही नहीं की जा रही है। सड़कों की हालत खस्ता है। सरकारी भवनों की दशा दयनीय होती जा रही है। उद्यानिकी विभाग का पता नहीं चल रहा है। बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। कहीं आत्मनिर्भरता नहीं दिखाई दे रही है। कौशल विकास की योजनाओं का पता नहीं चल रहा है। शासन प्रशासन इस जिले में सुस्त दिखाई दे रहे हैं। सब तरफ मनमानी चल रही है और आला अधिकारी मौन साधकर बैठे हुए हैं। निर्माण कार्यों में मनमानी चरम सीमा पर पहुंच गई है। इसके बाद भी किसी के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। निर्माण कार्यों का निरीक्षण अधिकारियों द्वारा नहीं किया जा रहा है। आवास और शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं। जनपद पंचायत मंडला अंतर्गत आंगनवाडिय़ों में धांधली हो रही है। बच्चों का वजन नहीं लिया जा रहा है, पोषण आहार वितरित नही किया जा रहा है तथा समय पर टीका नहीं लगाया जा रहा है। इसके अलावा तमाम तरह की समस्याएं जिनका निराकरण नहीं किया जा रहा है। जनापेक्षा है सभी समस्याओं को निराकरण शीघ्र किया जाए।।

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