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आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में भी अब जटिल इलाज हुआ संभव...





रेवांचल टाईम्स - यूं तो मंडला जिले की पहचान आदिवासी बाहुल्य के रूप में होती है जहां पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमिया, लचर शिक्षा, खराब रोजगार और भ्रष्टाचार के नए नए मामले आए दिन उजागर होते रहते है, यदि बात स्वास्थ्य को लेकर की जाए तो ये बात किसी से छुपी नहीं है की छोटी मोटी बीमारियों के रहते हुए भी बीमार व्यक्ति को मंडला जिला चिकत्सालय से लेकर अन्य निजी हॉस्पिटलों में भी जबलपुर मेडिकल वा नागपुर के लिए रिफर कर दिया जाता है,जिसके चलते पीड़ित व्यक्ति मानसिक वा आर्थिक तौर से बहुत ही परेशान हो जाता है। विगत दिनो हेल्थ केयर हॉस्पिटल एवं डाइयग्नॉस्टिक सेंटर में एक मरीज़ का अपने आप में अलग ऑपरेशन किया गया, उपरोक्त मरीज़ गर्भवती थी  चूंकि गर्भावस्था के दौरान मरीज़ ने डॉ. वर्षा आर्या ( वरिष्ठ स्त्री रोग  विशेषज्ञ ) से चेकअप करवाया । डॉक्टर वर्षा के द्वारा मरीज़ का सम्पूर्ण चेकअप किया गया और स्वयं के द्वारा ही बारीकी से जांच करते हुए सोनोग्राफ़ी की गई। जांच उपरांत पता चला की मरीज़ गर्भवती हे और साथ ही मरीज़ के पेट में एक बड़े आकार का ओवेरीयन ट्यूमर भी पनप रहा हे। जिससे भविष्य में मरीज़ गर्भवती महिला एवं गर्भाशय में पनप रहे बच्चे को विभिन्न प्रकार के ख़तरे होने की पूरी संभावना है। जिससे की मां के गर्भाशय में बच्चे का विकास रूक भी सकता है और वजन भी कम हो सकता है। (Intrauterine growth retardarion , IUGR ) नवजात बच्चे के विकास में यह अवरोध बच्चे में कई प्रकार के जन्मजात विकार उत्पन्न कर सकता था, क्योंकि ट्यूमर के अपने कॉम्प्लिकेशन अलग होने की सम्भावना होती हे, जैसा की ट्यूमर का टॉर्शन ( torsion ) होना , ट्यूमर का फटना ( rupture ) , ट्यूमर में में इन्फ़ेक्शन होना एवं अन्य कॉम्प्लिकेशन और जिससे की जच्चा एवम बच्चा दोनों में ही भविष्य में खतरा बड़ने की पूरी संभावना थी, जिस बात की जानकारी डॉक्टर वर्षा आर्या के द्वारा गर्भवती महिला को दी गई। वा भविष्य में आने वाली परेशानियों को लेकर गर्भवती महिला वा उसके परिवार को अवगत करवाया गया। जिसमें मरीज़ एवं गर्भाशय में पनम रहे नवजात की जान बचाना और दूसरी ओर ट्यूमर के complications से मरीज़ को बचाना था। जिस बात की जानकारी लगते ही मरीज महिला और परिवार वालों ने उचित इलाज और ऑपरेशन के लिए राजी पूर्वक सहमति हो गया, जिसके बाद उपरोक्त मरीज़ का सफलता पूर्वक ऑपरेशन कर एक स्वस्थ्य शिशु को डिलिवर किया गया एवं साथ ही साथ एक बड़े आकार ( लगभग 5 किलोग्राम ) बजनी के ट्यूमर को भी सफलता पूर्वक मरीज़ के शरीर से अलग किया गया । मरीज़ एवं नवजात शिशु पूर्ण रूप अब स्वस्थ हे। साथ ही सपिवार बहुत की खुस भी है की ऐसे जटिल ऑपरेशन और अच्छे इलाज के लिए शहर से दूर कही बाहर नहीं जाना पड़ा। ऑपरेशन में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वर्षा आर्या, वरिष्ठ निश्चेतन विशेषज्ञ डॉक्टर लिली एवं अन्य ओट स्टाफ़ का सहयोग रहा ।

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