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Monday, November 6, 2023

हीरापुर टिकरिया सेमरखापा ओपन कैप में रखी 4 करोड़ की धान में गो ग्रीन कंपनी के अधिकारियों ने की हेराफेरी,

 



रेवांचल टाईम्स - मंडला, कंपनी के लापरवाही के कारण 2 करोड़ की धान हुई खराब वही सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाली गोग्रीन कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों पर निर्देश के बाद दर्ज नहीं हो पाया मामला दर्ज

   मंडला के सेमपरखापा टिकारिया और हीरापुर के ओपन कैप्स में भंडारित की गई धान में हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहां प्रिजर्वेशन मेंटनेंस और सिक्योरिटी के तहत भंडारित धान की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रही गोग्रीन वेयरहाऊस प्राइवेट लिमि के कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही मिलीभगत से करीब 4 करोड़ की धान खुर्दबुर्द की गई और 2 करोड़ की धान खराब हो गई है। क्षेत्रीय प्रबंधन के निरीक्षण के बाद कंपनी के अधिकारियों ना और कर्मचारियों पर मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक समर्थन मूल्य में खरीदी गई धान का भंडारण ओपन कैप्स में कराया गया है। जबकि प्रिजर्वेशन मेंटनेंस और 1, सिक्योरिटी के तहत भंडारित धान की सुरक्षा और रखरखाव को जिम्मेदारी गोग्रीन वेयरहाऊस प्राइवेट लिमि को दी गई है। मंडला के सेमरखापा के ओपन कैप्स में 50 हजार 997 और हीरापुर के ओपन कैप्स में 34 हजार 280 मेटिक टन धान का भंडारण किया गया था। जिसमें सेमरखापा कैप्स में 1517 मैट्रिक टन धान खुर्दबुर्द कर दी गई है और 275 मेट्रिक टन धान खराब हो गई है। हीरापुर कैंप में 761 मैटिक टन धान का गबन किया गया है और 768 मैट्रिक टन धान रखखराब में की गई लापरवाही की पे खराब हो गई है। दोनों की ओपन कैप्स में 4 करोड़ की हेराफेरी गई है। इसके अलावा 2 करोड़ की धान खराब हुई है।


ऐसे हुआ खुलासा.


मध्यप्रदेश वेअरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक ने 19 अक्टूबर को ओपन कैप्स का निरीक्षण किया गया था। जिसमें पाया गया कि कैप्स में भंडारित धान के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम कंपनी ने नहीं किए, जिससे धान सड़ गई। वहीं दोनों कैप्स में धान की कमी मिली थी। यहां निरीक्षण में पता चला कि कंपनी के द्वारा निविदा की शर्तों का पालन नहीं किया है और धान की रखरखाव में भी लापरवाही बरती गई है। कंपनी के कर्मचारियों ने निजी लाभ के लिए अनियमितता की है।


विभाग कर रहा है।एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी

      यहां सेमरखापा और हीरापुर में भंडारित धान में की गई हेराफेरी के बाद भोपाल मुख्यालय से कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद जिला प्रबंधक मंडला ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा था लेकिन कंपनी से ओरिजनल दस्तावेज नहीं मिलने के कारण एफआरआई दर्ज नहीं हो पाई है। भोपाल मुख्यालय से अभी दस्तावेज गई है। नहीं मिले हैं। जिसके कारण अभी कंपनी के अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।


इनका कहना है...

क्षेत्रीय प्रबंधक के निरीक्षण के दौरान ओपन कैप्स में धान खराब और अनियमितता पाई गई है। कंपनी के अधिकारी और कर्मचारियों पर प्रतिवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। ऑरिजनल दस्तावेज मिलने पर पुलिस मामला दर्ज करेगी।


रोशनी झारिया, जिला प्रबंधक, वेअरहाऊसिंग

       ओपन कैप्स में भंडारित पान वर्ष 2021 की है. धान भंडारण | जो पिछले वर्ष हुई थी, वह खराब नही हुई, धान बारिश में उठाव नहीं होने के कारण खराब हुई है। ओपन कैप्स में कोई भी अनियमितता नहीं की गई है।

                  प्रशांत राजपूत, क्षेत्रीय

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