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Sunday, October 8, 2023

कांग्रेस के पूर्व मंत्री ओमकार मरकाम पर लगे बेईमानी के आरोप, दिव्यांग दंपति से जमीन लेकर पैसों में की हेरा फेरी...

 



रेवांचल टाईम्स - जबलपुर डिंडोरी आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में लगातार आदिवासियों के साथ अत्याचार शोषण की बात तो सदैव हमे सुनाई पड़ती थी और पक्ष विपक्ष हमेशा ही उनके अधिकारों की बात कर उनसे वोट मांगती है क्या सत्ता पक्ष या विपक्ष में बैठे जिम्मेदारो ने उन गरीब आदिवासीयो की कभी पीड़ा समझी है की केवल मंच से उनके लिए बड़े बड़े घोषणाएं भाषणों में जगह है।

           आज आजादी के 7 दशक बीत गए पर गरीब आदिवासी वही की वही है और अगर उनके वोट पाकर जीते हुए माननीय से कुछ अपेक्षा करते है तो जिनका वोट पाकर जीते हुए माननीय ये उन्हें तुच्छ समझते है और उन गरीबों से अपेक्षा रखते है कि उनसे काम के बदले कुछ मिल जाये क्योंकि सेवा आज व्यवसाय बन कर रह गई और ये केवल मंचों से भाषणों में ही अच्छी लगती है और इन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की हकीकत कुछ और व्यया करती है ।  जब उनके साथ किसी सामान्य या पिछड़े वर्ग से जुड़े व्यक्ति के द्वारा अन्याय या अत्याचार किया जाता था किंतु आज इस विषय जिस पर मध्य प्रदेश शासन की पूर्व मंत्री पर गंभीर आरोप लगे हे जो की आदिवासी विकास विभाग के मंत्री बनाए गए थे और प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री  कमलनाथ ने इन पर भरोसा कर आदिवासी विकास विभाग दिया था जिससे ये  आदिवासी वर्ग का उत्थान करेंगे किंतु उन्हें क्या मालूम था ही आदिवासी समाज का शोषण करने में लग जाएंगे, और गरीबो की पीड़ा भी नही समझ सकें।

             अभी हाल ही में एक मामला सामने आया है जिसमें डिंडोरी विधानसभा की विधायक ओमकार मरकाम पर उन्हीं के समाज ललवती पति श्याम सिंह मार्को ने यह गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें अमरपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम भपसा रैयत की 13 एकड़ जमीन का सौदा 13 लाख रुपए होना बताया जा रहा है किंतु पीड़ित का कहना है कि विधायक ओमकार के द्वारा महज उसे  11 लाख रुपए की राशि 8 फरवरी 2011 को मेरी पत्नी के एस बी आई बैंक में खाता खुलवाकर जमा कराया गया और तो और आदिवासी लालवती  का बैंक खाता भी इनके द्वारा ही अपने पहचान  के बैंक में खुलवाया गया जहां पर उनकी अच्छी खासी सेटिंग और दबदबा चलता है,  और तो वह उस भोले भाले परिवार जो की पढ़ाई-लिखाई के अभाव से प्रभावित था उसे आदिवासी महिला के साथ छल कपट कर विधायक ओमकार मरकाम के द्वारा अपने रिश्तेदार के नाम रजिस्ट्री करा दी गई है और आज 12 वर्ष बाद भी पीड़ित आदिवासी अपने शेष बकाया राशि वसूलने के लिए दर-दर भटक रहा है, यह प्रकरण जो कि जांच का विषय यह है कि क्या वाकई डिंडोरी के विधायक ओमकार मरकाम के द्वारा लालवती मार्को की जमीन को अपने भतीजे संदीप मरकाम के नाम पर खरीदा गया है, क्या उक्त रकवा की बाजार मूल्य इतना कम है कि जो 11 लाख की जमीन महज 1 लाख दस हजार जैसी छोटी सी मामूली रकम में 9.35 लगभग 24 एकड़ भूमि विक्रय की जा सकती है, यदि आदिवासी महिला के द्वारा लगाए जा रहे आरोप कि विधायक के रिश्तेदार ने 13 लाख रुपए में केवल मात्र 110000 रुपए की राशि चेक के माध्यम से दी है, और शेष राशि किस-किस प्रकार से भुगतान किया गया है, यह जांच का विषय है, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डिंडोरी के द्वारा तत्काल दिव्यांग पीड़िता और पीड़ित के आदिवासी महिला के आवेदन पर उल्लेखित विषयों की जांच हेतु अधिकारियों को आदेशित किया है जो कि मामला एक आदिवासी महिला के साथ छल कपट बेईमानी का है इस कारण विभाग के द्वारा सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और वैसे यह भी है कि यदि 12 वर्ष बाद पीड़ित पीड़िता को उसकी जमीन विक्रय की गई राशि प्राप्त न होने पर भी वह अब तक शांत अपने घर पर क्यों बैठी रही कहीं ऐसा तो नहीं की राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी वर्ग की राजनीति कर रहे डिंडोरी विधायक ओमकार मरकाम के खिलाफ कोई सोची समझी रणनीति हो  

इनका कहना है। 

      जो बातें सुनने आ रहे हैं वह गंभीर विषय है, उस पर जांच उपरांत कार्रवाई होनी चाहिए, पंकज तेकाम प्रत्याशी विधानसभा भारतीय जनता पार्टी डिंडोरी में अभी मीटिंग में व्यस्त हूं फ्री होकर आपसे बात करता हूं तीन दिन से ये फ्री नहीं हो पाए जहां एक और भाजपा आदिवासियों हितों की बात कर रही है,

                    इरफान मलिक 

       राष्ट्रीय महासचिव गोंडवाना गणतंत्र पार्टी 

 

    एक आदिवासी जन्मजात अपंग जो मेरे मायके  गांव का है और वह गूंगी बहरी है हाथ से विकलांग है ऐसे व्यक्ति जिसे मिर्गी का दौरा भी आता है उसके साथ कि गई धोखाधड़ी की जांच किसी ईमानदार एजेंसी से कराई जाने चाहिए, जिससे आदिवासी हितैषी बनने वाले धोखेबाजों से सावधान रहे ,और उन्हें न्याय मिल सके।

                 चंद्रकला परस्ते 

        पूर्व जिला पंचायत सदस्य

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