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Monday, September 25, 2023

पितृपक्ष में इन जीव-जंतुओं को खिलाना होता है शुभ, पितरों का मिलता है आशीर्वाद



पितृपक्ष, हिंदू पंचांग के अनुसार, वह समय है जब हम अपने पितरों को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. यह समय भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक चलता है. इस साल पितृपक्ष 29 सितंबर से शुरू हो रहा है और 14 अक्टूबर को इसका समापन होगा. इस अवधि में विशेष रूप से पितरों के तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान के रिवाज को अनुसरण किया जाता है, जिसमें उन्हें जल, तिल और दर्भा घास से अपने पितृगणों को श्रद्धांजलि दी जाती है. इस समय लोग विशेष रूप से ब्राह्मणों को भोजन और दान भी प्रदान करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि, विधि पूर्वक पितृ पक्ष मनाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, और वे प्रसन्न होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पितृपक्ष में कुछ विशेष जीव-जंतुओं को भी खाना खिलाना शुभ माना जाता है? इन जीवों को खाना खिलाने से माना जाता है कि पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

कौआ

पितृपक्ष में कौओं को खाना खिलाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. शास्त्रों में कहा गया है कि जब हम कौए को भोजन देते हैं, वह भोजन पितरों तक पहुंचता है. यदि कौआ भोजन को स्वीकार करता है, तो इसे पितरों की संतोष का संकेत माना जाता है.

गाय
गाय को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में गाय को भोजन देने से पितृ प्रसन्न होते हैं और घर में समृद्धि और सुख-शांति का वातावरण बनता है.

कुत्ता
ज्योतिष शास्त्रों में बताया गया है कि कुत्तों को भी इस अवसर पर भोजन देना शुभ माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार मान्यता है कि इससे पितृ तृप्त होते हैं और उनका आशीर्वाद हमें मिलता है.

चीटी
धार्मिक मान्याताओं के अनुसार, पितृपक्ष में चीटियों को भी भोजन खिलाने का विशेष महत्व है. चीटियों को खाना देने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.


(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.रेवांचल टाईम्स  इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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