BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
आत्मा" किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग आर डी जाटव के मार्गदर्शन में हुआ ब्लॉक तकनिकी प्रबंधक... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Thursday, August 24, 2023

आत्मा" किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग आर डी जाटव के मार्गदर्शन में हुआ ब्लॉक तकनिकी प्रबंधक...

 



रेवांचल टाईम्स - मंडला, संयुक्त संचालक कृषि के एस नेताम द्वारा कृषि एवम आत्मा की गतिविधियों का किया गया अवलोकन  मंडिया दाना रागी की फसल सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन आत्मा अंतर्गत किसानों को इस साल खरीफ फसल में जिले से विलुप्त हो गई प्रजाति जिसका नाम मंडिया दाना के नाम से किसान जानते है इसे रागी इंग्लिश में फिंगर मिलेट कहते है  वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट ईयर के रूप में मनाया जा रहा है इसलिए किसानों को मिलेट का रकबा बढ़ाने हेतु उपसंचालक" आत्मा" किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग आर डी जाटव के मार्गदर्शन में  ब्लॉक तकनिकी प्रबंधक मोहित सिंह गोल्हानी विकास खंड नारागणगंज ग्राम देवरिकला के किसान श्री श्याम लाल मार्को ने पहली बार रागी की नर्सरी अपने खेत मे डाली है और आज 25 दिन होने पर रागी की रोपाई अपने खेत मे की है अचीवर कृषक में श्री श्याम लाल जी ने रागी की फसल लगाई  जिससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को रागी जो कि अपने आप मे  एक बहुत महत्वपूर्ण है  उसकी जानकारी दी  रही है  रागी से बनने वाले पौष्टिक व्यंजन जैसे रागी के आटे की रोटी, रागी का सूप ,रागी की लपसी आदि अनेको व्यंजन बनाए जाते है   पहली बार जिले में प्रदर्शन के रूप में अपना रहे किसान भाई द्वारा किसानों को प्राकृतिक विधि द्वारा मंडिया दाना  रागी ,कंगनी ,कोदो ,कुटकी, संवा ,ज्वार,, बाजरा मोटे अनाजों की श्रेणी में आते है इनका उपयोग करने से  केंसर ,मधुमेह, मोटापा जैसे अनेको बीमारियों के नियंत्रण में इन मोटे अनाजों से बने व्यजंन उपयोगी सावित हो रहे है। रागी के लिए उपयुक्त मिट्टी -यह सभी प्रकार की भूमि में हो जाती है  परन्तु कार्बनिक पदार्थों से भर पुर बलुई दोमट मिट्टी को बढ़िया माना गया है उचित जल निकास वाली काली मिट्टी में इसकी खेती की जा सकती है  इसकी भूमि के लिए पीएच मान 5.5से 8 के मध्य होना चाहिए खेत की तैयारी- रागी की फसल के लिए पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करे  मिट्टी को भुर भूरी बनाकर विजाई के लिए समतल करे ले। किस्म CG C-2  नर्सरी का साइज़  10 ×10 फिट लंबाई चौड़ाई  नर्सरी में 2 KG बीज डाला है जिसकी   एकड़ एरिया में रोपाई कि है,स्पेसिंग 30×10 तथा 1 एकड़ में 1लाख 33 हजार 333 रागी की प्लांट पापुलेशन होती है 

रागी की उपज एक हेक्टेयर में 20 से 25 कुंतल तक प्राप्त होती है निगम जी डी डी ए आत्मा रचना मेडम श्रीमती प्रीति लोबंशी ,अनीता उपध्याय संगीता श्रीवास्तव  रेखा परस्ते एवम किसानो की उपस्थिति रही

No comments:

Post a Comment