दैनिक रेवांचल टाइम्स - मंडला में 22 मार्च 2023 यूं तो दुनिया नव वर्ष 2023 के तीसरे महीने से गुजर रही है ,परंतु प्राचीन भारतीय संस्कृति का नव संवत्सर इससे भिन्न है । हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति के अनुसार हम विक्रम संवत 2080 में प्रवेश कर रहे हैं ।इन्हीं मत मतांतर के कारण ही भारतीय संस्कृति की विश्व में सर्वथा अलग ही पहचान रही है ।
चैत्र नवरात्रि का सनातन धर्म शास्त्रों में विशेष महत्व है |इसी दिन से ही प्राचीन भारतीय संस्कृति का नव वर्ष या नव संवत्सर का प्रारंभ होता है |इसे शक्ति की उपासना का महापर्व भी माना जाता है |वर्ष की दोनों ही नवरात्रि ऋतु परिवर्तन काल में मनाई जाती है चैत्र मास की नवरात्रि को वासंती पर्व के रूप में मनाने की मान्यता है |
22 मार्च 2023 दिवस बुधवार को प्रारंभ होने वाला नव संवत्सर सभी के जीवन में मंगल ही मंगल करें माता आदिशक्ति सभी अमंगल का सर्वनाश कर विश्व कल्याण एवं विश्व शांति की स्थापना करें |रेवांचल परिवार इन्हीं शुभकामनाओं के साथ आदि शक्ति से प्रार्थना करता है ।
आदि शक्ति की उपासना के इस महापर्व में ग्राम के सभी मंदिरों एवं देव स्थानों में रंग - रोगन 'साज - सज्जा 'साफ - सफाई जैसी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है |
बड़ चौराहा स्थित विंध्यवासिनी मंदिर ' बस स्टैंड स्थित दुर्गा मंदिर ' सारस डोली रोड स्थित महाकाली मंदिर ' ग्राम के मध्य स्थित खेरमाई मंदिर ' खुर्सीपार स्थित खेरमाई बढ़िया एवं भजन दास पंडा की मढ़िया सहित सभी स्थानों में ज्योति एवं जवारे की स्थापना की जाती है ।
चैत्र मास की नवरात्रि को अध्यात्म साधना एवं तंत्र साधना के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है |विक्रम संवत 2079 का समापन और 2080 का शुभारंभ हो रहा है |इस नव संवत्सर में सभी सुखी रहें 'सभी निरोग रहे 'सब का भविष्य उज्जवल हो ,विश्व में शांति की स्थापना हो ,एवं विश्व का कल्याण हो इन्ही मंगल कामनाओं के साथ आपका अपना रेवांचल परिवार नव संवत्सर का स्वागत वंदन अभिनंदन करता है |

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