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Tuesday, March 21, 2023

नगर पालिका से साठगांठ कर किराए की दुकानों का बदल रहे है स्वरूप जिम्मेदार मौन....



रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में इन दिनों प्रशासन की अनदेखी के चलते व्यवसाई मनमाना कर रहे है और जिम्मेदार मौन बैठे हुए है।

       वही नगर पालिका परिषद मंडला में बेरोजगारों को रोजगार से लगाने का उद्देश्य नगर पालिका का फेल होते दिखाई दे रहा है क्योंकि नगरीय सीमा में जो भी दुकाने नगर पालिका के द्वारा निर्माण कराने के बाद आवंटित की गई उन दुकानों को रसूखदारों से सांठ-गांठ कर आवंटित कर दी गई है। अब वे रसूखदार नगर पालिका की दुकानों को सस्ते किराये में लेकर महंगे दामों में दूसरे को किराये में सौंप रहे हैं। जबकि नगर पालिका द्वारा दुकान आवंटन करने से पहले अनुबंध करने के साथ कुछ शर्तें भी लागू करने के नियम बनाये हैं, लेकिन उन नियमों का पालन कागजों में तो दिख रहा है धरातल पर दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। नगर पालिका की दुकाने ऐसे लोगों को दे दी गई जिनके पास पहले से दुकाने हैं। उन दुकानों को भी रसूखदारों ने नगर पालिका से सांठ-गांठ कर ले ली और अब उन दुकानों का स्वरूप बदलने का काम किया जा रहा है। यह मामला वर्तमान में शास्त्री मार्केट का है जहां पूनम साड़ी सेंटर दुकान के संचालक यह काम कर रहे हैं। जबकि नगर पालिका की गाइडलाइन के तहत दुकानों का स्वरूप नहीं बदला जा सकता। दुकानदार किसकी अनुमति से यह काम कर रहा है यह जाँच का विषय है।

          नगर पालिका क्षेत्र मण्डला के अंतर्गत अभी हाल ही में बनाया गया शास्त्री मार्केट की दुकाने नीलाम कर आवंटित की गई उन दुकानों का बगैर अनुमति के स्वरूप 'बदला जा रहा है। सोमवार को यह शिकायत सामने आई है कि और भी दुकानदार हैं जिनको दुकाने आवंटित की गई, लेकिन दुकान मालिक अनेक समस्याओं से गुजर रहा है जिसकी सुनवाई नगर पालिका द्वारा नहीं की जा रही है। शास्त्री मार्केट में दुकाने लेने वाले कुछ दुकानदार इतना बड़ा बोर्ड प्रचार- प्रसार के लिए लगा लिया है कि अन्य दुकानदार की दुकाने नजर ही नहीं आ रही हैं। जबकि नगर पालिका द्वारा दुकान आवंटित करने के साथ उसकी गाइडलाइन भी बनाई है, लेकिन 

अधिकतर लोग इस गाइडलाइन का पालन नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल हम जो मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में दे रहे हैं वह पूनम साड़ी सेंटर का है। जिनके द्वारा दुकानों की बगैर रजिस्ट्री कराये स्वरूप बदलने का काम किया जा रहा है। जिस तरह से दुकाने खोलकर उनमें काम कराया जा रहा है जैसे उन्हें नगर पालिका ने छूट दे रखी हो।


नपा से किराये में लेकर दूसरों को महंगे किराये में सौंप दी दुकानें


मण्डला नगर पालिका द्वारा शास्त्री मार्केट बनाया गया है इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है कि किरायेदारों के द्वारा अनेक दुकानों के स्वरूप बदल दिये और कुछ दुकाने दूसरे को बेच दी गई वहीं नगर पालिका में सस्ते दामों में किराये से लेकर 5 दूसरों की महंगे दामों में दे दी। जबकि नगर पालिका के द्वारा अनुबंध पत्र में स्पष्ट है कि अन्य किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त दुकान ले में उप किरायेदारी पर नहीं देगा ऐसा पाये जाने पर किरायेदारी स्वतः निरस्त मनी जागी पक्ष क्रमाक 2 को किराये पर प्राप्त ही दुकान को विक्रय करने पर या गिरवी रखने का अधिकार नहीं होगा। अनुबंध होने के बाद भी नगर पालिका द्वारा आवंटित दुकानों में नियमों का पालन न करते हुये

दूसरों को महंगे दामों में दुकाने किराये पर दे दी तो कुछ लोगों ने बेच दी और कुछ दुकानदारों ने दुकानों का स्वरूप बदल कर नियम शर्तों का उल्लंघन किया है। ऐसे दुकानदारों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने की मांग शिकायतकर्ता ने की है।


नहीं हो रहा शर्तों का पालन न हो रही कार्रवाई


नगर पालिका के द्वारा जब दुकानदारों को दुकाने आर्वोदत करती है तो दर्जनों शर्तें बनाकर दुकानदारों से अनुबंध करती है, वहीं पालन न होने पर कार्रवाई की बात की जाती है, लेकिन शर्त और अनुबंध कागजों तक सिमट कर रह गये हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि जब नगर, पालिका नियम शर्तों का पालन नहीं करा पाती तो अनुबंध क्यों करती है और यदि अनुबंध किया जाता है तो उसका पालन भी नियमानुसार किया जाना चाहिए। 

     मण्डला नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत. अनेक कॉम्पलेक्स एवं दुकानों का निर्माण किया गया जहां नियम शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न होने से दुकानदारों के हौसले बुलंद है साथ ही दुकाने ऐसे लोगों को एक से अधिक आवंटित कर दी जाती है जिसके कारण युवा बेरोजगारों को आसानी से दुकाने नहीं मिलती। जिला प्रशासन से मांग है कि मण्डला नगरपालिका सहित अन्य नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के द्वारा बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से दुकाने बनाकर आवंटित की जा रही है। क्या वास्तविक लोगों को दुकाने मिली है या नहीं इस संबंध में जाँच की जाये और किरायेदारों ने सस्ते दामों में नगर पालिका से दुकान लेकर महंगे दामों में दूसरों को किराये से दे दी। ऐसे लोगों पर भी कार्यवाही कर उनकी लीज निरस्त की जाये।


शासकीय संपत्ति से छेडछाड किया तो हो कार्यवाही...


वही दुकानदारों ने अनुबंध एवं नियम शर्तो का उल्लंघन किया है। साथ ही शासकीय 'संपत्ति से छेड़छाड़ करने पर इनके विरूद्ध ठोस कार्यवाही होनी चाहिए, लेकिन जब मामला सामने आता है तो सांठ-गांठ करने वाले नगर पालिका के कर्मचारी पंचनामा बनाकर मामले में पर्दा डालने का काम शुरू कर देते हैं। साथ ही को दुकानदार गलती स्वीकार कर जुर्माना राशि देकर मामले को रफा दफ़ा करने की सलाह दे देते है। इसलिए अब तक ठोस कार्यवाही नहीं हो पाती। जबकि नपा द्वारा दुकानदारों से किये गये अनुबंध में स्पष्ट है कि अन्य किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त दुकान में उप किरायेदारी पर नहीं देगा ऐसा पाये जाने पर किरायेदारी स्वतः निरस्त मानी जावेगी। नपा अनुबंध के तहत जो शर्ते लागू की उस आधार पर दुकानदारों के विरुद्ध कार्य करते हुये लीज निरस्त की 'जानी चाहिए लेकिन दुकानदारों को ले देकर संरक्षण दिया जा रहा है। दुकानदार खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं ऐसे दुकानदारों पर लीज समाप्ति की कार्यवाही होनी चाहिए।


इनका कहना


    शास्त्री मार्केट की कुछ दुकानों की रजिस्ट्रीया हो चुकी हैं, लेकिन जिन दुकानों की रजिस्ट्रियां नहीं हुई हैं यदि उन्होंने दुकानें खोलकर उनका स्वरूप • बदलने का काम किया है तो उनके • विरूद्ध कार्यवाही होगी। जो मामला आपने संज्ञान में लाया है उसकी जॉच करा लेता


              गजानन नाफड़े, सीएमओ

      नगर पालिका मण्डला जिला मण्डला

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