BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
क्योंकि ज्यादा नमक आपके लिए जहर बन सकता है - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Tuesday, March 14, 2023

क्योंकि ज्यादा नमक आपके लिए जहर बन सकता है



हम सभी स्वस्थ रहना चाहते हैं और स्वस्थ रहने के लिए हमारा खान-पान बिल्कुल बैलेंस होना चाहिए. जितना जरूरी खाने का टेस्ट है उससे भी ज्यादा जरूरी उसका पौष्टिक होना है. खाने में विटामिन, प्रोटीन और मिनरल्स का होना भी जरूरी है. ऐसे ही जरूरी मिनरल्स में से एक नमक (सोडियम) भी है. जी हां, नमक हमारे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. लेकिन इस जरूरी चीज का अधिक सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही घातक हो सकता है. यही वजह है कि साल में एक बार नमक को लेकर जागरुकता फैलाने के लिए वर्ल्ड सॉल्ट अवेयरनेस वीक (World Salt Awareness Week) मनाया जाता है.

अपने नमक के सेवन को नियंत्रित करना हमारी अपनी ही जिम्मेदारी है. हालांकि, सरकारें और WHO जैसे वैश्विक संगठन भी इसके लिए जागरुकता फैलातने का काम करते हैं. इसके तहत स्कूलों में, कार्यालयों में और घरों में नमक की खपत कम करने के लिए तमाम तरह के संदेश लोगों को दिए जाते हैं. अच्छी बात है कि UN के सभी 194 सदस्य देश सोडियम के सेवन को 30 फीसद तक कम करने पर राजी हैं. इससे पता चलता है कि सोडियम का सेवन कम करना एक लाइफ सेविंग स्ट्रैटजी के रूप में कितना जरूरी है.

नमक के अधिक सेवन से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. नमक/सोडियम का सेवन कम करने से हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) और दिल से जुड़ी बीमारियों (Cardiovascular Diseases) से बहुत ही आसान तरीके से और सस्ते में दूर रहा जा सकता है. अगर आप पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं तो आपको अपने नमक का सेवन जल्द से जल्द कम करना चाहिए.
नमक का सेवन कम करने के लिए WHO की तरह से निम्न सुझाव दिए जाते हैंखाने को इस तरह से तैयार करें कि उसमें नमक का कम से कम उपयोग हो. अपने भोजन में नमक/सोडियम की मात्रा को कम करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें.
सार्वजनिक संस्थानों जैसे स्कूलों, अस्पतालों, कार्यालयों और नर्सिंग होम में कम सोडियम वाले विकल्पों को उपलब्ध कराना ताकि नमक किसी के लिए भी जहर न बन जाए.
लोगों को नमक खाने की अपनी आदतें बदलने में मदद के लिए मास मीडिया कैंपेन और अवेयरनेस कार्यक्रम चलाने होंगे.
खाद्य वस्तुओं के पैकेट के सामने की तरफ स्पष्ट शब्दों में सोडियम की मात्रा के बारे में लिखा जाना चाहिए, जिसे ग्राहक आसानी से पढ़ और समझ सकें.
अपने नमक के सेवन का हमेशा ध्यान रखें.
फूड सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले नमक के बारे में भी ग्राहक को पूरी जानकारी हो.

No comments:

Post a Comment