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लीड केहरपुर सोसाइटी महाराजपुर के चर्चित कांड में 8 लाख जुर्माना सहित 10 साल की सजा, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केहरपुर लेम्स में डेढ़ करोड़ के गबन का मामला। - revanchal times new

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Thursday, March 30, 2023

लीड केहरपुर सोसाइटी महाराजपुर के चर्चित कांड में 8 लाख जुर्माना सहित 10 साल की सजा, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केहरपुर लेम्स में डेढ़ करोड़ के गबन का मामला।

 



रेवांचल टाईम्स - आदिवासी जिले मंडला मेंसरकारी धन में घोटाला ग़बन जैसी घटना आम बात है इस जिले में अनेकों बड़े बड़े घोटाले ग़बन भ्रष्टाचार हुए है सरकारी धन में जिसको जब मौका मिला उसने बहती गंगा में हाथ थो डाला कुछ मामलों जाँच हुई और आखिर अधिकारी कर्मचारी जेल यात्रा भी की पर भ्रष्टाचार ग़बन घोटाले नही रुक रहे हैं इसे आप चाहे तो सालों लंबित जांच का परिणाम भी कह सकते है ये वही जिला है जहां से कलेक्टर जैसे भी जेल की यात्रा की,

        वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ और सरकारी धन में भ्रष्टाचार ग़बन को लेकर लेम्प्स कर्मचारी बंटी संतोष पाण्डेय सहित चार अधिकारियों को 10 साल की सजा।

मंडला आदिम जाति सेवा सहकारी समिति लीड सोसाइटी केहरपुर महाराजपुर मंडला का चर्चित डेढ़ करोड़ गबन के मामले में आखिरकार लैम्स कर्मचारी बंटी संतोष पांडे सहित समिति प्रबंधक श्री कबीरे सहकारिता विभाग केआडिटर मेसराम ब्रांच मैनेजर श्री जैन को ₹8 लाख जुर्माना सहित 10 साल की सजा न्यायालय ने सुनाई,ये सभी अपराधी वर्षो से जमानत में थे। केहरपुर लेम्पस में लगभग 20 साल पुराने मामले में समिति के संचालक मंडल द्वारा लेम्प्स के लिपिक बंटी संतोष पाण्डेय के कारनामे की शिकायत आर्थिक अपराध ब्यूरो जबलपुर एवम कलेक्टर मंडला को की गई थी।करोड़ो के गबन मामले को दबाने कई बार हाईप्रोफाइल ड्रामा भी हुआ लेकिन मामला आर्थिक अपराध का था ओर पुख्ता साक्ष्य  होने के कारण मामला दबा नहीं।

 सोसायटी का लिपिक अचानक बन गया करोड़पति 

वही प्राप्त जानकारी के अनुसार केहरपुर सोसाइटी का एक लिपिक अचानक जब करोड़पति बना और उसके कारोबार की चर्चा चारों तरफ होने लगी इस विषय को लेकर लोगों को समझ आया और जांच में यह साबित हुआ की संस्था का कर्मचारी बंटी पांडेय समिति का पैसा से अपना कारोबार खड़ा कर लिया है जिसकी शिकायत तत्कालीन कलेक्टर एवं आर्थिक अपराध शाखा को की गई उसकी  जांच हुई जिसमें साबित हुआ ईस मामले में लैंप्स कर्मचारी सहित तीन अन्य अपराधी भी है इनके खिलाफ  विभिन्न धाराएं में मामला पंजीबद्ध हुआ और अंतः न्यायालय ने चारों अपराधियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। लिपिक पांडेय समिति के बचत बैंक के अमानत दारो की जमा पूंजी बिजली बिल की जमा राशि को व्यापार में लगा कर मंडला शहर का एक आटोमोबाइल्स शोरूम, क्रेसर, शराब ठेका मेडिकल दुकान महंगे वाहनों अन्य प्रापर्टी  का मालिक  बन बैठा, ये कारोबार आपने परिवार के सदस्यों के नाम से खड़ा कर लिया  कहरपुर लेम्पस सोसायटी के इनके साथ के सहकर्मी भी आय से  अधिक संपत्ति के मालिक हैं एकाएक बंटी पांडेय शहर का काफी चर्चित सख्श बन गया ओर सत्ताधारी राजनेतिक दल भाजपा के नेताओ सहित तत्कालीन मंडला विधायक का करीबी बन कर भी अपना मिशन चलाता रहा। फिलहाल जिला प्रशासन को जिले की सभी सहकारी समितियों की जांच  कराना चाहिए  ताकि बंटी संतोष पाण्डेय की तरह समिति के धन का गबन करने वाले कर्मचारियों की फेहरिस्त तैयार कर कार्यवाही की जाय।  जिले की चर्चित कोऑपरेटिव सोसाइटी, कोऑपरेटिव बैंक, ए.आर. सहकारिता विभाग के कारनामों की यदि किसी अन्य एजेंसी से जांच कराई जाए तो इस विभाग में घपले घोटाले के अरबों रुपए के मामले सहित नियम विरुद्ध कर्मचारियों की भर्ती के मामले भी उजागर हो सकेंगे इन मामलों में जिले के बड़े आला अधिकारी भी शामिल होने की पूरी संभावना है।

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