पेंच टाइगर रिजर्व पार्क के बफर क्षेत्र के नदी नालों से अवैध तरीके से निकाली जा रही रेत...
रेवांचल टाईम्स - पर्यावरण संरक्षण का दावा करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर्यावरण को बचाने में निष्क्रिय नजर आ रही है।*
पेंच टाइगर रिजर्व से लगे राजस्व और बफर क्षेत्र की नदी-नालों से स्थानीय रेत कारोबारी चोरी छिपे धडल्ले से अवैध रेत खनन कर रहे हैं।
चौरई :-पर्यावरण संरक्षण का दावा करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर्यावरण को बचाने में निष्क्यि नजर आ रही है। पेंच टाइगर रिजर्व से लगे राजस्व और बफर क्षेत्र की नदी-नालों से स्थानीय रेत कारोबारी चोरी छिपे धड़ल्ले से अवैध रेत खनन कर रहे हैं। इसके बावजूद चौरई अनुविभाग का राजस्व अमला अंजान बना हुआ है। वहीं वन अधिकारियों का कहना है कि, जंगल के आसपास अवैध खनन होना संभव नहीं है। यदि राजस्व क्षेत्र में रेत या मुरम निकाली जा रही है, तो इस पर कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की बनती है।
जानकारी के मुताबिक नालों से हो रहे रेत के अवैध उत्खनन को लेकर स्थानीय रेत कारोबारियों व ग्रामीणों के बीच टक्कराव की स्थिति आए दिन बन रही है। वहीं कुछ लोगों द्वारा इस टकराव को पंचायत चुनाव में मिली हार-जीत का नतीजा कहा जा रहा वही बुधवार की सुवह चार बजे वन अधिकारी को सूचना मिली कि सांख वीट क्रमांक 1374 करलई से दो ट्रेक्टर अवैध रेत भरकर आ रहे है सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर डिप्टी रेंजर रामगोपाल पांडे, वन रक्षक क्रमशः मेहंत रघुवंशी, राजा बाबू, कुलदीप बघेल ने मौक़े पर पहुंचकर विना नंबर के दो ट्रेक्टर पकड़ कर वाहन मालिक दहलान सिंह रघुवंशी, दान सिंह रघुवंशी के विरुद्ध वन अधिनियम कार्यवाही की एवं ट्रेक्टर को वन चौकी मे अभिरक्षा मे खड़ा करवाया गया.सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार उक्त दोनों ट्रेक्टरो को अवैध रेत तस्करी करते विगत माह भी पकड़ा गया किन्तु राजनीतिक दवाव के चलते छोड़ दिया गया था।

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