रेवांचल टाईम्स - न्यायालय प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मण्डला सुबोध कुमार विश्वकर्मा द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 28 / 20 म.प्र. शासन विरूद्ध अनुसुईया मरावी उर्फ बबली पति यशवंत मरावी उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम चटुआमार थाना मण्डला जिला मण्डला को अपने नवजात शिशु की हत्या के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुये धारा 302 भा.द.वि. में आजीवन कारावास एवं 500/- रू के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया तथा धारा 201 भा. द.वि. में 3 वर्ष का कठिन कारावास एवं 500/- रू के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 26.01.2020 को आरक्षी केन्द्र मण्डला में जरिये टेलीफोन सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम चटुआमार में एक अज्ञात नवजात शिशु का शव पड़ा हुआ है। उक्त सूचना के आधार पर थाना मण्डला में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक जांच हेतु घटनास्थल ग्राम चटुआमार पहुंचा, जहां पर सूचनाकर्ता देवराज बरकडे द्वारा सूचना दी गई कि वह दो भाई व एक बहन है। बहन की शादी ग्राम बरबसपुर में हुई है, जिसके दो बच्चे है। आज दिनांक 26.01.2020 को दोपहर 03.00 बजे उसके घर के पास लोगों की भीड लगी थी एवं घुड़ा से बदबू आ रही थी, तब उसने घुडा के पास जाकर देखा एक नवजात शिशु बालक का गोबर के ढेर के नीचे शव दिखाई दिया, जिसका कमर से पैर तक का हिस्सा दिखाई दे रहा था तथा कमर से उपर सिर का भाग गोबर के ढेर में दबा है, जिसकी सूचना उसने अपने मोबाईल से 100 डायल को दी थी। उक्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर जाकर मर्ग इंटिमेशन 0/2020 अंतर्गत धारा 174 दं.प्र.स. पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई। मर्ग जांच के दौरान मर्ग इंटीमेशन, शव पंचायतनामा, नक्शा मौका, कथन, जप्ती व पीएम रिपोर्ट अज्ञात नवजात शिशु किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या करने के आशय से गला घोंटकर हत्या करना पाये जाने से एवं साक्ष्य छिपाने के आशय से फेंकना पाये जाने से अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अपराध क्रमांक 56 / 20 अंतर्गत धारा 302 एवं 201 भा.द.वि. पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। घटनास्थल के आसपास के लोगों ने कथनों में अभियुक्ता अनुसुईया मरावी उर्फ बबली का गर्भवती होना बताया गया तथा अभियुक्ता से पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल किया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्ता के विरूद्ध उपरोक्त धाराओं में अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण उपरांत न्यायालय प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मण्डला सुबोध कुमार विश्वकर्मा द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्क से सहमत होते हुये आरोपिया अनुसुईया मरावी उर्फ बबली पति यशवंत मरावी, उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम चटुआमार थाना मण्डला को अपने नवजात शिशु की हत्या के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुये उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन संचालन जिला अभियोजन अधिकारी अरूण कुमार मिश्रा के द्वारा किया गया।

No comments:
Post a Comment